बदायूं जिला महिला अस्पताल में ‘गोल्डन मिनट’ प्रशिक्षण, 100 स्वास्थ्यकर्मियों को सिखाई गई नवजात बचाने की तकनीक
उत्तर प्रदेश के बदायूं में राष्ट्रीय एनआरपी दिवस के मौके पर जिला महिला अस्पताल में नवजात शिशुओं की जिंदगी बचाने को लेकर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान डॉक्टरों और नर्सों को ‘गोल्डन मिनट’ यानी जन्म के बाद के पहले एक मिनट में नवजात को जीवनरक्षक सहायता देने की तकनीक सिखाई गई।


बदायूं के जिला महिला अस्पताल में आयोजित इस कार्यशाला में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से आए करीब 100 डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को दो बैचों में राष्ट्रीय एनआरपी का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
विशेषज्ञों ने बताया कि कई बार जन्म के तुरंत बाद नवजात शिशु रोता नहीं है, ऐसे में जीवन का पहला मिनट बेहद महत्वपूर्ण होता है। यदि इस दौरान सही तरीके से पुनर्जीवन प्रक्रिया अपनाई जाए, तो नवजात की जान बचाई जा सकती है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में एसएनसीयू के विशेषज्ञ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप वार्ष्णेय और चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशीष कुमार ने स्वास्थ्यकर्मियों को नवजात को सांस दिलाने, प्राथमिक उपचार और आपात स्थिति से निपटने की तकनीकों का अभ्यास कराया।
*वीओ*
कार्यक्रम में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. अनामिका सिंह चौहान, प्रभारी सीएमओ डॉ. नवनीत सिंह और डिप्टी सीएमओ डॉ. राजवीर गंगवार भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से नवजात मृत्यु दर में कमी लाने में मदद मिलेगी और स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक प्रभावी बन सकेंगी।

फिलहाल स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी समय पर सही उपचार देकर कई नवजातों की जिंदगी बचाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
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