राजस्थान के सरकारी स्कूलों में सुविधाओं का संकट, 611 स्कूल भवनविहीन; 2 हजार से ज्यादा में शौचालय नहीं
राजस्थान के सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को लेकर विधानसभा में सामने आए आंकड़ों ने व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। प्रदेश में सैकड़ों स्कूल ऐसे हैं, जिनके पास अपना भवन तक नहीं है। वहीं, कई स्कूलों में बच्चों के लिए शौचालय और पीने के पानी जैसी जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं।
स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से विधायक टीकाराम जूली के सवाल के जवाब में दी गई जानकारी के मुताबिक, यू-डाइस 2025-26 के आंकड़ों में प्रदेश के 611 सरकारी स्कूल भवनविहीन पाए गए हैं। इनमें 10 बालिका विद्यालय भी शामिल हैं। हालांकि, विभाग ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा के राजकीय उच्च माध्यमिक स्तर का कोई स्कूल भवनविहीन नहीं है।
झालावाड़ के अकलेरा में 23 स्कूल बिना भवन
भवनविहीन स्कूलों की संख्या कई जिलों में दर्ज की गई है। झालावाड़ का अकलेरा ब्लॉक इस मामले में प्रमुख है, जहां 23 सरकारी स्कूलों के पास अपना भवन नहीं है। बांसवाड़ा, जोधपुर, फलोदी, बीकानेर, जैसलमेर और उदयपुर समेत अन्य जिलों में भी ऐसे स्कूल सामने आए हैं।
भवन हैं, लेकिन शौचालय और पानी की कमी
प्रदेश में 64,484 सरकारी स्कूलों के पास भवन उपलब्ध हैं, लेकिन बुनियादी सुविधाओं की स्थिति हर जगह बेहतर नहीं है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार 2,047 स्कूलों में बच्चों के लिए शौचालय की सुविधा नहीं है। वहीं, 1,049 स्कूलों में पीने के पानी की स्थायी व्यवस्था नहीं है।
अलवर, बांसवाड़ा, बीकानेर, दौसा, डूंगरपुर, जयपुर, जैसलमेर, झालावाड़, कोटा और उदयपुर समेत कई जिलों में इन सुविधाओं की कमी दर्ज की गई है।
सुधार के लिए 12,335 करोड़ रुपये का प्लान
सरकार ने जर्जर स्कूल भवनों और बुनियादी सुविधाओं की कमी दूर करने के लिए 12,335 करोड़ रुपये की योजना तैयार की है। विभाग के मुताबिक जिन स्कूलों में स्थायी पेयजल व्यवस्था नहीं है, वहां फिलहाल वैकल्पिक माध्यमों से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। शौचालय की कमी वाले स्कूलों में भी अस्थायी व्यवस्था की गई है।
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