सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस संजय करोल बोले- ‘जज भगवान नहीं, हर फैसला सही नहीं हो सकता’
सुप्रीम कोर्ट से रिटायर होने वाले जज जस्टिस संजय करोल ने शनिवार को अपने विदाई भाषण में कहा कि जज भगवान नहीं होते और उनसे हर फैसला सही नहीं हो सकता। उन्होंने यह भी कहा कि जज बनने के लिए थोड़ी विनम्रता और हर मुकदमेबाज के पीछे छिपे असली इंसान को देखने की क्षमता जरूरी है। जस्टिस करोल ने आगे कहा कि संविधान हमसे सिर्फ कानून को सही ढंग से लागू करने के लिए नहीं कहता। वह हमसे इसे न्यायपूर्ण तरीके से लागू करने के लिए कहता है। शायद इसीलिए मुझे फैसला सुनाने की जिम्मेदारी, सिर्फ यह तय करने से कहीं ज्यादा बड़ी लगी है कि कानूनी तौर पर कौन सही है।
जस्टिट करोल ने आगे कहा कि जज के तौर पर हम भगवान नहीं हैं। हमारे सभी फैसले सही नहीं होंगे। हमारे हाथ में हमेशा एक ही बात थी। सिर्फ याचिकाकर्ता को नहीं, बल्कि उस व्यक्ति को देखना। याचिका से आपको सिर्फ मामले के तथ्य पता चल सकते हैं, लेकिन यह नहीं पता चल सकता कि उस व्यक्ति ने पहले ही क्या खो दिया है या वह अदालतों से क्या उम्मीद कर रहा है। शायद इसीलिए मैंने हमेशा कहा है कि फैसला सुनाने के लिए एक खास स्तर की विनम्रता की जरूरत होती है।
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