मथुरा में नक्शा पास कराने की बदली व्यवस्था, MVDA के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे; 100 वर्गमीटर तक खुद करा सकेंगे स्वीकृति
मथुरा। भवन निर्माण के लिए नक्शा पास कराने वालों के लिए मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण ने प्रक्रिया आसान कर दी है। अब नक्शा स्वीकृति के लिए प्राधिकरण के अलग-अलग पटलों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। एमवीडीए ने पुरानी व्यवस्था को बंद कर फास्ट पास पोर्टल को पूरी तरह लागू कर दिया है। जुलाई में पोर्टल पर आए करीब 75 प्रतिशत मामलों का निर्धारित समयसीमा के भीतर या उससे पहले निस्तारण किया गया।
प्राधिकरण की उपाध्यक्ष लक्ष्मी नागप्पन ने बताया कि फास्ट पास पोर्टल का उद्देश्य नक्शा स्वीकृति की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है। अब आवेदन के साथ जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड किए जा सकेंगे और पूरी प्रक्रिया पोर्टल के जरिए आगे बढ़ेगी। आवेदक अपने आवेदन की स्थिति भी ऑनलाइन देख सकेंगे।
एनओसी के लिए भी नहीं लगाने होंगे चक्कर
नई व्यवस्था में नक्शा स्वीकृति के साथ विभिन्न विभागों से जरूरी अनापत्ति प्रमाणपत्र यानी एनओसी लेने की प्रक्रिया भी ऑनलाइन कर दी गई है। आवेदन के आधार पर संबंधित विभाग को एनओसी का अनुरोध पोर्टल के जरिए भेजा जाएगा। इससे आवेदक को अलग-अलग सरकारी कार्यालयों में जाकर दस्तावेज या पत्र जमा कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
100 वर्गमीटर तक खुद करा सकेंगे नक्शा पास
नए बायलॉज के तहत भूखंडों को जोखिम के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटा गया है। 100 वर्गमीटर तक के भूखंड लो रिस्क, 100 से 500 वर्गमीटर तक मीडियम रिस्क और 500 वर्गमीटर से अधिक के भूखंड हाई रिस्क श्रेणी में रखे गए हैं।
लो रिस्क श्रेणी में 100 वर्गमीटर तक के आवासीय भूखंड का नक्शा आवेदक खुद फास्ट पास पोर्टल के माध्यम से स्वीकृत करा सकता है। वहीं प्राधिकरण से स्वीकृत कॉलोनियों में 500 वर्गमीटर तक के आवासीय भूखंडों के नक्शे आर्किटेक्ट के जरिए पोर्टल पर स्वीकृत कराए जा सकेंगे। व्यावसायिक भूखंडों के लिए यह सीमा 30 वर्गमीटर तक निर्धारित है।
प्राधिकरण के मुताबिक नई व्यवस्था से नक्शा स्वीकृति, एनओसी और आवेदन की निगरानी एक ही ऑनलाइन प्रणाली के जरिए हो सकेगी। इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने के साथ अनावश्यक देरी और भागदौड़ कम होने की उम्मीद है।
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