BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा के कार्यकाल पर सवाल, सुप्रीम कोर्ट में याचिका; नए चुनाव की मांग
बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा के लंबे कार्यकाल को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिका में दावा किया गया है कि BCI नियमों के तहत चेयरमैन का कार्यकाल दो साल निर्धारित है, जबकि मनन कुमार मिश्रा करीब 12 वर्षों से इस पद पर बने हुए हैं। याचिकाकर्ता ने उनके कार्यकाल की वैधता पर सवाल उठाते हुए नए चुनाव कराने की मांग की है।
याचिका में 21 अप्रैल 2025 को जारी गजट अधिसूचना को भी चुनौती दी गई है। इसमें आरोप लगाया गया है कि इस अधिसूचना के जरिए मनन कुमार मिश्रा का कार्यकाल 2030 तक बढ़ाया गया। याचिकाकर्ता का तर्क है कि किसी प्रशासनिक अधिसूचना के जरिए BCI के वैधानिक नियमों में निर्धारित कार्यकाल को नहीं बढ़ाया जा सकता।
दो साल के कार्यकाल का दिया हवाला
अधिवक्ता दीपक प्रकाश के माध्यम से दाखिल याचिका में BCI नियमों के नियम 12(2) का हवाला दिया गया है। याचिका के अनुसार इस नियम में चेयरमैन और वाइस चेयरमैन का कार्यकाल दो साल तय किया गया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि लगातार दोबारा चुने जाने की कोई स्पष्ट अधिकतम सीमा नहीं होने से एक ही व्यक्ति लंबे समय तक पद पर बना रह सकता है।
याचिका में संस्थागत निष्पक्षता पर भी सवाल
याचिकाकर्ता ने कहा है कि करीब 12 वर्षों तक एक ही व्यक्ति के पास BCI चेयरमैन का पद बने रहना प्रतिनिधिक व्यवस्था और संस्थागत संतुलन को लेकर सवाल खड़े करता है। याचिका में मनन कुमार मिश्रा के कथित राजनीतिक जुड़ाव का भी उल्लेख करते हुए BCI की स्वतंत्रता और निष्पक्षता पर चिंता जताई गई है।
हटाने और नए चुनाव कराने की मांग
सुप्रीम कोर्ट से 21 अप्रैल 2025 की गजट अधिसूचना रद्द करने और BCI को उसे वापस लेने का निर्देश देने की मांग की गई है। इसके अलावा मनन कुमार मिश्रा को चेयरमैन पद से हटाने और स्वतंत्र निगरानी में तय समय सीमा के भीतर नए चुनाव कराने की मांग भी याचिका में की गई है। साथ ही BCI के वित्तीय मामलों की स्वतंत्र जांच और ऑडिट की मांग रखी गई है।
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