राहुल गांधी ने महिलाओं से पूछा- भारतीय महिला होने का क्या मतलब? डर, हिंसा और पितृसत्ता पर खुलकर बोलने की अपील
पुणे। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने महिलाओं से उनके अनुभवों के आधार पर यह बताने की अपील की है कि उनके लिए भारतीय महिला होना क्या मायने रखता है। उन्होंने कहा कि इस सवाल का जवाब समाज या परिवार की ओर से नहीं, बल्कि महिलाओं की अपनी आवाज में सामने आना चाहिए।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो के जरिए महिलाओं से अपने संघर्ष, परेशानियों, सामाजिक बाधाओं, नजरिए और सपनों के बारे में खुलकर बात करने को कहा। उन्होंने महिलाओं से अपनी कहानी साझा करने की अपील करते हुए कहा कि उनके अनुभवों को समझना जरूरी है, तभी महिलाओं की स्थिति को बेहतर बनाने को लेकर सार्थक चर्चा हो सकती है।
महिलाओं के लिए विशेष कार्यक्रम की तैयारी
राहुल गांधी पुणे में अपने कार्यक्रम 'छात्रों की गूंज' का अगला संस्करण आयोजित करने वाले हैं। इस कार्यक्रम में केवल महिलाएं शामिल होंगी। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम की तैयारी के दौरान उन्होंने अपनी टीम की महिला सदस्यों से कहा था कि वे 20 से 30 मिनट की प्रस्तुति तैयार करें और बताएं कि एक भारतीय महिला के तौर पर वे समाज, अपने जीवन और आसपास की परिस्थितियों को किस तरह देखती हैं।
राहुल गांधी के मुताबिक, टीम की महिलाओं ने अपनी प्रस्तुति में समाज में महिलाओं के साथ होने वाले व्यवहार, उनके सामने आने वाली अच्छी-बुरी परिस्थितियों और अपने अनुभवों के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि इस अभ्यास से उन्हें महिलाओं के अनुभवों और भावनाओं को समझने का अवसर मिला। इसके बाद उन्होंने इस चर्चा को व्यापक स्तर पर महिलाओं के बीच करने का फैसला किया।
डर और हिंसा पर भी होगी चर्चा
राहुल गांधी ने कहा कि चर्चा के दौरान यह समझने की कोशिश की जाएगी कि समाज महिलाओं के साथ किस तरह व्यवहार करता है और उनके खिलाफ डर का इस्तेमाल कैसे किया जाता है। उन्होंने महिलाओं से हिंसा के अनुभवों, उसके प्रभाव और एक नागरिक के रूप में उनके जीवन पर पड़ने वाले असर के बारे में भी खुलकर बात करने की अपील की।
उन्होंने जोर दिया कि महिलाओं की अपनी आवाज और उनके वास्तविक अनुभव इस चर्चा के केंद्र में होने चाहिए।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)