एनजीओ और फॉरेन फंडिंग का झांसा देकर 66 लाख की ठगी, राघौगढ़ पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दर्ज किया केस

Monday, August 10, 2026 - 23:03
Updated: 1 day ago
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एनजीओ और फॉरेन फंडिंग का झांसा देकर 66 लाख की ठगी, राघौगढ़ पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दर्ज किया केस

 जिले के राघौगढ़ थाना क्षेत्र में एनजीओ खोलने और फॉरेन फंडिंग का झांसा देकर एक व्यक्ति से लगभग 66 लाख रुपये की बड़ी ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है।पुलिस अधीक्षक के निर्देश राधौगढ़ थाना पुलिस ने मामले की गहन जांच के बाद आरोपी के खिलाफ धारा 420 भादवि (धोखाधड़ी) के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

किरायेदार ने बनाया ठगी का जाल

थाना राघौगढ़ में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक सीताराम धुर्वे द्वारा दर्ज मामले के अनुसार, पुलिस अधीक्षक कार्यालय गुना से प्राप्त शिकायत आवेदन क्रमांक 204 की जांच के दौरान फरियादी राणा प्रताप सिंह (उम्र 58 वर्ष, निवासी साड़ा कॉलोनी राघौगढ़) और अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए गए। जांच में सामने आया कि आरोपी प्रमोद सिंह (पुत्र जनार्दन सिंह, मूल निवासी ग्राम करजरा अंचल वजीरगंज जिला गया हाल निवासी ग्राम बजारी कला मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश) वर्ष 2022 में राणा प्रताप के मकान में किराये से रहता था।

कर्मचारियों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर खुलवाए खाते

आरोपी प्रमोद सिंह ने राणा प्रताप से कहा कि एससी/एसटी वर्ग के 8 लोगों को मिलाकर एक एनजीओ खोलना है। इसके लिए उसने राणा प्रताप के होटल में काम करने वाले लक्ष्मण बंजारा, फूल सिंह बंजारा, मांगी बाई जाटव, धापू बाई जाटव, दिनेश स्वीपर, दीपक प्रजापति और मुकेश बंजारा के दस्तावेज (पहचान संबंधी दस्तावेज), पैन कार्ड बनवाए, एक्सिस बैंक में खाते खुलवाए और उनके नाम से सिम, चेकबुक व एटीएम हासिल कर लिए। आरोपी ने कर्मचारियों को 5,000 रुपये महीना और सालाना 50,000 रुपये दिलाने का लालच दिया था।

45 लाख खाते में और 21 लाख रुपये नगद हड़पे

एनजीओ चलाने और फॉरेन फंडिंग दिलाने का झांसा देकर आरोपी ने दिनांक 13 अप्रैल 2022 से 1 जुलाई 2024 के बीच राणा प्रताप और उनकी पत्नी कुसुम सिंह से कर्मचारियों के खातों में कुल 45,37,117 रुपये ट्रांसफर करवाए, जिन्हें आरोपी ने खुद निकाल लिया। इसके अलावा एनजीओ के नाम पर उनसे लगभग 21 लाख रुपये नगद भी हड़प लिए। आरोपी ने गुजरात कॉर्पोरेशन से लोन और फॉरेन फंडिंग दिलाने का आश्वासन देकर लाखों रुपये के स्टाम्प भी बनवाए, जिसका भुगतान फरियादी ने किया था।

दिए थे 10-10 लाख के 20 फर्जी चेक

विश्वास जीतने के लिए आरोपी प्रमोद सिंह ने फरियादी राणा प्रताप और उनकी पत्नी के नाम यस बैंक के 10-10 लाख रुपये मूल्य के कुल 20 चेक दिए थे और कहा था कि फरवरी 2024 में खाते से पैसे निकाल लेना। लेकिन सभी खातों का संचालन आरोपी खुद कर रहा था और उसने कुल 66 लाख रुपये की धोखाधड़ी को अंजाम दिया। बैंकों से प्राप्त स्टेटमेंट और साक्ष्यों के आधार पर राघौगढ़ पुलिस ने आरोपी प्रमोद सिंह के विरुद्ध मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

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