मुजफ्फरपुर में शहीद खुदीराम बोस को भावभीनी श्रद्धांजलि, सुबह 4:30 बजे परिजनों और अधिकारियों ने किया नमन
मुजफ्फरपुर। महान क्रांतिकारी शहीद खुदीराम बोस की शहादत की स्मृति में मंगलवार 11 अगस्त को सुबह 4:30 बजे मुजफ्फरपुर केंद्रीय कारा परिसर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों, कारा कर्मियों और पश्चिम बंगाल से पहुंचे खुदीराम बोस के परिजनों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस दौरान तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त, तिरहुत क्षेत्र के डीआईजी, मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक, अपर समाहर्ता, पूर्वी अनुमंडल पदाधिकारी, काराधीक्षक और उपाधीक्षक समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने केंद्रीय कारा परिसर में उस सेल में पुष्प अर्पित किए, जहां खुदीराम बोस को कैद रखा गया था। इसके अलावा फांसी स्थल और कारा परिसर में स्थापित उनकी प्रतिमा पर भी श्रद्धा-सुमन अर्पित किए गए।
खुदीराम बोस मूल रूप से पश्चिम बंगाल के मिदनापुर जिले के हबीबपुर गांव के रहने वाले थे। वर्ष 1905 में बंगाल विभाजन के बाद देशभर में राष्ट्रवादी आंदोलन तेज हुआ और इसी दौर में वह क्रांतिकारी गतिविधियों से जुड़ गए।
किंग्सफोर्ड को निशाना बनाने पहुंचे थे मुजफ्फरपुर
ब्रिटिश शासन के दौरान मुजफ्फरपुर में मजिस्ट्रेट डगलस किंग्सफोर्ड की अदालत थी। ब्रिटिश अधिकारियों की कठोर कार्रवाई के विरोध में क्रांतिकारी संगठन युगांतर ने किंग्सफोर्ड को निशाना बनाने की योजना बनाई। इस मिशन के लिए खुदीराम बोस और प्रफुल्ल चाकी को चुना गया। दोनों मुजफ्फरपुर पहुंचे और किंग्सफोर्ड की गतिविधियों पर नजर रखने लगे।
30 अप्रैल 1908 को दोनों ने यूरोपियन क्लब से निकल रही एक बग्गी को किंग्सफोर्ड की बग्गी समझकर उस पर बम फेंका। हालांकि, बग्गी में किंग्सफोर्ड मौजूद नहीं थे। उसमें ब्रिटिश बैरिस्टर प्रिंगल केनेडी की पत्नी और बेटी सवार थीं, जिनकी इस हमले में मौत हो गई।
घटना के बाद दोनों अलग-अलग दिशाओं में भाग निकले। खुदीराम बोस करीब 25 किलोमीटर दूर वैनी रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां पानी पीते समय पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। इस स्टेशन का नाम बाद में खुदीराम बोस पूसा रेलवे स्टेशन रखा गया। वहीं प्रफुल्ल चाकी मोकामा घाट पहुंचे, जहां पुलिस से घिरने के बाद उन्होंने अपनी जान ले ली।
केंद्रीय कारा में मंगलवार सुबह शहीद खुदीराम बोस को श्रद्धांजलि देते हुए अधिकारियों और परिजनों ने उनके साहस, बलिदान और देशभक्ति को याद किया। शहीद की स्मृति में आयोजित इस कार्यक्रम में उनके योगदान को नमन किया गया।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)