चार्ज लेने से पहले ही उच्च शिक्षा सचिव पद से हटाए गए नरेश पाल गंगवार, 20 दिन पहले हुई थी तैनाती
नई दिल्ली। नीट पेपर लीक विवाद के बीच शिक्षा मंत्रालय में केंद्र सरकार ने उच्च शिक्षा सचिव के पद पर बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। 23 जुलाई को उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त किए गए नरेश पाल गंगवार को कार्यभार संभालने से पहले ही इस पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह मध्य प्रदेश कैडर की 1993 बैच की आईएएस अधिकारी दीप्ति गौड़ मुखर्जी को नया उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त किया गया है।
नरेश पाल गंगवार को इससे पहले पशुपालन एवं मत्स्य विभाग के सचिव पद से हटाकर उच्च शिक्षा सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उन्हें एक अगस्त को पदभार ग्रहण करना था, लेकिन उससे पहले ही उनकी नियुक्ति रद्द कर दी गई। इस दौरान उच्च शिक्षा सचिव का अतिरिक्त प्रभार विनीत जोशी संभाल रहे थे।
तैनाती के बाद उठे थे सवाल
नरेश पाल गंगवार की उच्च शिक्षा सचिव के पद पर नियुक्ति के बाद ही प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में सवाल उठने लगे थे। विपक्षी दलों ने भी उनकी नियुक्ति को लेकर सरकार पर निशाना साधा था।
गंगवार के खिलाफ राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड में उनकी पिछली तैनाती से जुड़ा मामला भी चर्चा में रहा। आरोपों में उनके बेटे और पत्नी के साथ-साथ तत्कालीन विभागीय राज्य मंत्री को कथित तौर पर करोड़ों रुपये की सब्सिडी दिए जाने का मुद्दा शामिल था।
20 दिन में बदला फैसला
23 जुलाई को नियुक्ति आदेश जारी होने के करीब 20 दिन बाद ही केंद्र सरकार ने गंगवार को उच्च शिक्षा सचिव के पद से हटा दिया। अब दीप्ति गौड़ मुखर्जी यह जिम्मेदारी संभालेंगी। शिक्षा मंत्रालय में यह बदलाव ऐसे समय हुआ है, जब नीट समेत प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार पर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है।
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