मायावती बोलीं- छात्रों के आंदोलन को सत्ता-विपक्ष की राजनीति से बचाएं, रोजगार के मुद्दे पर सरकारों को घेरा
बसपा प्रमुख मायावती ने मंगलवार को छात्रों और युवाओं के आंदोलनों को सत्ता और विपक्ष की राजनीति से दूर रखने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दल युवाओं की समस्याओं का समाधान करने के बजाय अपने चुनावी हित साधने में लगे हैं। मायावती ने रोजगार, सरकारी भर्तियों और निजी क्षेत्र में आरक्षण जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
मायावती ने केंद्र और राज्य सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता और विपक्ष अलग-अलग मुद्दों के जरिए जनता का ध्यान उसकी मूल समस्याओं से भटका रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं, खासकर जेन-जी के आंदोलनों को राजनीतिक दलों की राजनीति का हिस्सा नहीं बनने देना चाहिए।
जंतर-मंतर और रांची के आंदोलनों का किया जिक्र
मायावती ने दावा किया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों और युवाओं के आंदोलन को कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने अपने राजनीतिक हित में इस्तेमाल किया। वहीं, झारखंड की राजधानी रांची में चल रहे छात्रों और युवाओं के आंदोलन के समर्थन में भाजपा और उसके सहयोगी दल सामने आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि दोनों ही मामलों में युवाओं की समस्याओं के समाधान से ज्यादा राजनीतिक स्वार्थ दिखाई दे रहा है। बसपा प्रमुख ने छात्रों और जेन-जी से अपील की कि वे सत्ता और विपक्ष की राजनीति से सावधान रहें और अपनी मांगों को लेकर राजनीतिक दलों का सोच-समझकर इस्तेमाल करें।
रोजगार और आरक्षण का मुद्दा उठाया
मायावती ने रोजगार के मुद्दे पर अपनी सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने सरकारी भर्तियों पर लगी रोक हटाकर युवाओं को रोजगार के अवसर दिए और पुलिस सहित विभिन्न विभागों में नए पद सृजित किए।
उन्होंने निजी क्षेत्र में भी दलितों, आदिवासियों और पिछड़े वर्गों को आरक्षण देने की मांग की। साथ ही आगामी विधानसभा चुनावों में सर्वसमाज से बसपा को मजबूत करने की अपील की।
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