साईं सिटी कॉलोनी में पंचायत सचिव की मौत, घर के अंदर मिला शव; पुलिस ने शुरू की जांच
सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के सकतपुर स्थित साईं सिटी कॉलोनी में एक पंचायत सचिव ने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान 58 वर्षीय मुकुट बाबू शर्मा के रूप में हुई है। मंगलवार शाम से उनका मोबाइल फोन बंद आ रहा था। देर रात तक घर का दरवाजा नहीं खुलने और अंदर से किसी तरह की प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। पुलिस की मौजूदगी में घर का गेट खुलवाया गया तो पंचायत सचिव अंदर फांसी के फंदे पर लटके मिले। बुधवार को जिला अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
मृतक के भाई देवेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि मंगलवार शाम करीब 5 बजे से मुकुट बाबू का मोबाइल फोन बंद आ रहा था। इसी बीच उनके मामा के यहां से उनका बेटा घर आया और उसने बाहर से दरवाजा तथा कुंडी खटखटाई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद मामले की जानकारी सरपंच सहित अन्य लोगों को दी गई। उन्होंने भी मौके पर पहुंचकर काफी देर तक दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई। परिजनों को स्थिति संदिग्ध लगी तो उन्होंने मुकुट बाबू को लगातार फोन किए, लेकिन फोन बंद मिला। बताया गया कि उनकी गाड़ी घर के बाहर खड़ी थी, जबकि मकान के अंदर से गेट बंद थे। पूरे मकान की लाइट भी बंद थी। ऐसे में परिजनों को किसी अनहोनी की आशंका हुई और पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस की मौजूदगी में घर का गेट खुलवाकर अंदर प्रवेश किया गया। अंदर का दृश्य देखकर परिजनों के होश उड़ गए। मुकुट बाबू फांसी के फंदे पर लटके मिले। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। मुकुट बाबू शर्मा पंचायत सचिव के पद पर कार्यरत थे। उनकी मौत के बाद परिवार और परिचितों में शोक का माहौल है। परिजनों से जब यह सवाल किया गया कि क्या किसी अधिकारी या कर्मचारी के दबाव अथवा किसी अन्य परेशानी के कारण उन्होंने यह कदम उठाया, तो उन्होंने ऐसी किसी जानकारी से इनकार किया। फिलहाल मौत के पीछे की वास्तविक वजह सामने नहीं आई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की पड़ताल की जा रही है। बुधवार को जिला अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पंचायत सचिव ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)