गुना विधायक पन्नालाल शाक्य के बयान पर विवाद, महिला कांग्रेस ने रैली निकालकर FIR की मांग की; विधायक बोले—‘बयान तोड़-मरोड़कर पेश किया’
बलराम कृषि महोत्सव में महिलाओं को लेकर दिए गुना विधायक पन्नालाल शाक्य के बयान पर उठा विवाद दूसरे दिन भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। बयान पर मचे बवाल के बीच विधायक शाक्य ने वीडियो जारी कर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। उनका आशय महिलाओं को दोषी बताना नहीं था। वे उन लोगों की बात कर रहे थे, जिन्होंने महिलाओं का अपमान किया और जिसके कारण पुरुषों का पतन हुआ। इधर, विधायक की सफाई के बीच महिला कांग्रेस ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया। बुधवार को महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रैली निकाली और पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। इसमें विधायक के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने की मांग की गई है।
विवाद की शुरुआत 18 अगस्त को नानाखेड़ी मंडी प्रांगण में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव-2026 से हुई थी। कार्यक्रम में विधायक पन्नालाल शाक्य ने रामायण, महाभारत और इतिहास के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए महिलाओं को लेकर टिप्पणी की थी। उन्होंने रावण द्वारा सीता हरण का उदाहरण दिया। इसके बाद महाभारत में द्रौपदी और पृथ्वीराज चौहान-संयोगिता के प्रसंग का भी जिक्र किया। विधायक के बयान का मंच पर ही चांचौड़ा विधायक प्रियंका मीना पैंची ने विरोध किया था। उन्होंने इसे महिलाओं का अपमान बताया था।
इसके बाद दोनों भाजपा विधायकों के बीच मंच पर ही तीखी बातचीत हुई। प्रियंका पैंची के विरोध के बावजूद विधायक शाक्य ने अपनी बात जारी रखी। उन्होंने कहा था कि उन्होंने बहुत किताबें पढ़ी हैं और उन्हें पता है कि कहां क्या हुआ है। मंच का यह वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई।
महिला कांग्रेस ने कहा—निर्वाचित जनप्रतिनिधि की भाषा गंभीर विषय
बुधवार को जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष सीमा यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ता रैली के रूप में पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने विधायक शाक्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा। महिला कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सार्वजनिक कार्यक्रम में महिलाओं को लेकर इस्तेमाल की गई भाषा आपत्तिजनक और अमर्यादित थी।
ज्ञापन में कहा गया कि विधायक एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं। ऐसे में महिलाओं के प्रति सार्वजनिक मंच से की गई टिप्पणी को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। महिला कांग्रेस ने बयान के मूल वीडियो और ऑडियो की जांच कराने की मांग की। साथ ही संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज करने का आग्रह किया।
ज्ञापन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 79, 352 और 196 सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं की जांच कर कार्रवाई की मांग की गई है। महिला कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो और अन्य सामग्री को भी जांच का हिस्सा बनाने की मांग रखी।
शाक्य की सफाई—मेरा आशय महिलाओं को दोषी बताना नहीं था
विवाद बढ़ने के बाद विधायक पन्नालाल शाक्य ने वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत संदर्भ में लिया गया। उनका कहना था कि वे उन घटनाओं का उल्लेख कर रहे थे, जहां महिलाओं का अपमान करने या उनके साथ गलत व्यवहार करने वाले पुरुषों का ही बाद में पतन हुआ।
विधायक की सफाई के बावजूद मामला शांत होता नजर नहीं आ रहा है। एक तरफ महिला कांग्रेस एफआईआर की मांग पर अड़ी है। दूसरी ओर विधायक अपने बयान के आशय को स्पष्ट कर रहे हैं। अब सबकी नजर पुलिस की कार्रवाई और जांच पर है। वहीं, मंच पर भाजपा के दो विधायकों के बीच हुआ विरोध भी इस पूरे विवाद को और राजनीतिक रंग दे रहा है।
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