आंध्र प्रदेश में निकाय चुनाव पर रोक: नामांकन के दौरान हिंसा, 54 लोग नामजद
आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों के लिए नामांकन के दौरान हिंसा और उम्मीदवारों को पर्चा दाखिल करने से रोकने के आरोपों के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद आयोग ने राज्य के सभी 100 शहरी निकायों में आगे की चुनावी प्रक्रिया रोकते हुए उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी करने का फैसला भी टाल दिया। मामले में 45 चुनाव संबंधी घटनाएं सामने आई हैं और 54 लोगों को नामजद किया गया है।
पुलिस के अनुसार, 22 और 23 अक्टूबर को हुई घटनाओं में हिंसा, झड़प, पथराव और नामांकन पत्र छीनने या फाड़ने की शिकायतें शामिल हैं। 23 अक्टूबर को पुलिस ने 13 जिलों में 31 घटनाएं दर्ज होने की जानकारी दी थी। इनमें 22 घटनाएं हिंसा या कानून-व्यवस्था बिगड़ने से संबंधित थीं, जबकि नौ मामलों में नामांकन पत्र छीनने या फाड़ने की बात सामने आई। अलग-अलग घटनाओं में वाहनों को आग लगाने, मकानों को नुकसान पहुंचाने और पुलिस पर हमले की भी खबरें आईं। पुलिस ने 16 मामले दर्ज किए और चार लोगों को हिरासत में लिया था। अन्य घटनाओं में भी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी थी।
विपक्षी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी और प्रभावित उम्मीदवारों ने आरोप लगाया कि कई जगहों पर उनके प्रत्याशियों को नामांकन दाखिल करने से रोका गया, उन्हें डराया-धमकाया गया और कुछ स्थानों पर नामांकन पत्र छीनने या नष्ट करने की घटनाएं हुईं। पार्टी ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। ये आरोप फिलहाल शिकायतों का हिस्सा हैं और उनकी जांच की जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया कि वह प्रभावित उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों की शिकायतों के साथ उपलब्ध दस्तावेजी तथा इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच करे। अदालत ने उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने का उचित अवसर सुनिश्चित करने और प्रभावित शहरी निकायों में नामांकन की समय-सीमा बढ़ाने पर विचार करने को कहा। निर्देशों के तहत अंतिम उम्मीदवार सूची का प्रकाशन 25 अक्टूबर तक टालने को भी कहा गया।
इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने 13 नगर निगमों और 87 नगरपालिकाओं व नगर पंचायतों सहित सभी 100 शहरी निकायों में चुनाव की आगे की प्रक्रिया रोक दी। आयोग को यह तय करना है कि किन प्रभावित क्षेत्रों में नामांकन के लिए अतिरिक्त समय दिया जाए और चुनाव प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ेगी। फिलहाल चुनाव रद्द होने की घोषणा नहीं की गई है; प्रक्रिया आगे बढ़ाने का फैसला शिकायतों और साक्ष्यों की समीक्षा के बाद लिया जाना है। मामले में सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 27 अक्टूबर को निर्धारित है।
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