पीएम मोदी और मिर्जियोयेव की मुलाकात से भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों को नई मजबूती, कई क्षेत्रों में सहयोग पर बनी सहमति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उज्बेकिस्तान दौरे के दौरान भारत और उज्बेकिस्तान के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और व्यापक बनाने पर सहमति बनी। ताशकंद में प्रधानमंत्री मोदी और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की अहम वार्ता हुई, जिसमें व्यापार, निवेश, संस्कृति, योग, कनेक्टिविटी और आर्थिक सहयोग समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।
उज्बेकिस्तान पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का भव्य स्वागत किया गया। ताशकंद में प्रवासी भारतीयों ने भी प्रधानमंत्री का उत्साह के साथ स्वागत किया। इस दौरान शहर में तिरंगे और भारतीय संस्कृति की झलक देखने को मिली। प्रधानमंत्री मोदी ने उज्बेकिस्तान में विकसित किए जा रहे ‘न्यू ताशकंद’ और गुजरात की जीआईएफटी सिटी का उदाहरण देते हुए दोनों देशों के बीच विकास के अनुभव साझा करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत उज्बेकिस्तान के एक प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करेगा, ताकि वह इन परियोजनाओं में इस्तेमाल की गई तकनीक और बेहतर कार्यप्रणालियों का अध्ययन कर सके।
राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने भारत को उज्बेकिस्तान का भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की आर्थिक और तकनीकी प्रगति की सराहना करते हुए डिजिटलाइजेशन, सूचना प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वैश्विक मामलों में भारत की आवाज और प्रभाव लगातार मजबूत हुआ है।
राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने बताया कि पिछले वर्ष भारत और उज्बेकिस्तान के बीच द्विपक्षीय व्यापार पहली बार एक अरब डॉलर से अधिक पहुंचा। इसके साथ ही हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच संयुक्त उपक्रमों की संख्या में भी करीब सात गुना वृद्धि हुई है। दोनों देशों के बीच हर सप्ताह 14 सीधी उड़ानों का संचालन भी हो रहा है, जिससे आपसी संपर्क और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिला है।
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के आतिथ्य की भी सराहना की। उन्होंने ताशकंद को भारतीय तिरंगे के रंगों से सजाने के लिए उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति का आभार जताया। कार्यक्रम में बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें उज्बेकिस्तान में भारत की झलक देखने को मिली। उन्होंने गुजरात से जुड़ी सांस्कृतिक प्रस्तुति को विशेष रूप से आत्मीय बताया।
दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने में लाल बहादुर शास्त्री सेंटर फॉर इंडियन कल्चर और महात्मा गांधी सेंटर फॉर इंडियन स्टडीज की भूमिका पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा से भारत और उज्बेकिस्तान के बीच रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
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