ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा पेपर लीक: 50 लाख में पेपर मिलने का दावा, व्हाट्सऐप चैट से जांच को मिला नया सुराग
महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) की ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच में नया सुराग सामने आया है। पुलिस के हाथ लगी व्हाट्सऐप चैट में आरोपी ऋतुजा पाटिल की ओर से परीक्षा का प्रश्नपत्र पहले मिलने और इसके लिए 50 लाख रुपये देने का दावा किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि पुलिस ने अभी तक 50 लाख रुपये के लेनदेन की पुष्टि नहीं की है।
पुलिस के मुताबिक, ऋतुजा और उसकी एक महिला मित्र के बीच हुई बातचीत में परीक्षा को लेकर चर्चा हुई थी। सहेली ने जब उससे कठिन परीक्षा पास करने का तरीका पूछा तो ऋतुजा ने कथित तौर पर कहा कि उसने पढ़ाई नहीं की थी। प्रश्नपत्र पहले मिलने के बारे में पूछे जाने पर उसने कथित तौर पर जानकारी देने से इनकार किया और इस बारे में किसी को नहीं बताने की हिदायत दी।
मुंबई क्राइम ब्रांच अब चैट में किए गए 50 लाख रुपये के भुगतान के दावे की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि रकम का कोई वास्तविक लेनदेन हुआ था या नहीं और कथित पेपर लीक से जुड़े नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। क्राइम डीसीपी राजतिलक रोशन के अनुसार, अब तक की जांच में सामने आया है कि कथित तौर पर केवल एक अभ्यर्थी को प्रश्नपत्र का सेट मिला था।
मामले की जांच के तहत पुलिस ने शुक्रवार को नंदूरबार स्थित कौटिल्य अकादमी के निदेशक प्रवीण पाटिल के कोचिंग सेंटर और घर की तलाशी ली। इसके अलावा ऋतुजा के पिता अमृत पाटिल के घर की भी छानबीन की गई। तलाशी के बाद पुलिस टीम आरोपियों को लेकर मुंबई रवाना हो गई।
पुलिस ने मामले में प्रवीण पाटिल, अमृत पाटिल, ऋतुजा के पूर्व प्रेमी गौरव पाटिल, एमपीएससी के अवर सचिव अभिजीत लेंडवे और दो कक्ष अधिकारियों गोपाल मराठे तथा विश्वेश्वर नकाते को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब कथित पेपर लीक के स्रोत, पैसों के लेनदेन और पूरे नेटवर्क की कड़ियों की जांच कर रही है।
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