नंदीग्राम उपचुनाव में ममता का कांग्रेस को समर्थन, बदले सियासी समीकरण; उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने नामांकन लिया वापस
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से पहले राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदला है। ममता बनर्जी के गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे के चुनाव मैदान से हटने के बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का ऐलान किया। ममता ने कांग्रेस को करीबी और स्वाभाविक सहयोगी बताते हुए इस फैसले को विपक्षी गठबंधन को मजबूत करने से जोड़ा।
संचिता प्रधान डे ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद 18 सितंबर को नंदीग्राम उपचुनाव से अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार के समर्थन की घोषणा की। ममता गुट के पास उपचुनाव के लिए कोई उम्मीदवार नहीं रहने के बाद यह फैसला सामने आया।
इससे पहले चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रहे विवाद के बीच दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किए थे। यह घटनाक्रम नंदीग्राम उपचुनाव से ठीक पहले हुआ, जिससे मुकाबले की राजनीतिक तस्वीर में बदलाव आया।
ममता बनर्जी ने कांग्रेस को समर्थन देने की वजह देश के व्यापक हित और इंडिया गठबंधन को मजबूत करना बताया। हालांकि, इस फैसले के बाद कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी ने भी विवाद को नया मोड़ दे दिया। उन्हें 2007 के नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण आंदोलन से जुड़े पुराने मामलों में गिरफ्तार किया गया और बाद में अदालत ने 3 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। कांग्रेस ने गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाए, जबकि पुलिस की ओर से इसे लंबित मामलों और वारंट से जुड़ी कार्रवाई बताया गया।
नंदीग्राम उपचुनाव 6 अक्टूबर को होना है। ममता गुट के उम्मीदवार के हटने और कांग्रेस को मिले समर्थन के बाद अब इस सीट पर विपक्षी राजनीति में तालमेल को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, इस घटनाक्रम का व्यापक राजनीतिक असर चुनावी परिणाम आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
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