महाराष्ट्र में वोटर लिस्ट पर घमासान: राहुल गांधी का चुनाव आयोग पर हमला, बोले- ‘यह चुनाव आयोग नहीं, वोट चोरी आयोग’
नई दिल्ली। महाराष्ट्र में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को चुनाव आयोग और भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए आयोग को ‘वोट चोरी आयोग’ तक कह दिया।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा और चुनाव आयोग अपनी रणनीति बदलते रहते हैं और आगे भी ऐसा करते रहेंगे। उन्होंने दावा किया कि उनका उद्देश्य किसी भी कीमत पर भाजपा की जीत सुनिश्चित करना और देश के लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर करना है।
महाराष्ट्र की ड्राफ्ट मतदाता सूची में एसआईआर प्रक्रिया के बाद 2,06,88,487 मतदाताओं के नाम शामिल नहीं हो पाए हैं। यह संख्या पिछले मतदाता आधार का करीब 21.14 प्रतिशत बताई गई है। चुनाव अधिकारियों के अनुसार, इनमें ऐसे लोग शामिल हैं जो सत्यापन के दौरान अपने पते पर नहीं मिले, स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जिनके नाम दोहराए गए थे।
ड्राफ्ट सूची में अब 7.71 करोड़ से अधिक मतदाता शामिल हैं। इनमें करीब 3.95 करोड़ पुरुष, 3.75 करोड़ महिलाएं और 3,087 तृतीय लिंग मतदाता बताए गए हैं।
वहीं, चुनाव अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिन पात्र मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं हैं, उन्हें दावा और आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया गया है। इसके लिए 30 सितंबर तक आवेदन किया जा सकता है, जबकि अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर को जारी होने की बात कही गई है।
राहुल गांधी ने कहा कि कथित ‘वोट चोरी’ के जरिए बनी सरकार के लिए जनता महत्वपूर्ण नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लोगों की बात सुनने और उनके जनादेश का सम्मान करने के बजाय चुनावी व्यवस्था को अपने पक्ष में प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।
हालांकि, चुनाव अधिकारियों के मुताबिक ड्राफ्ट सूची से नाम हटने के पीछे कई प्रशासनिक कारण हैं और पात्र मतदाताओं को दावा-आपत्ति के जरिए अपना नाम दोबारा शामिल कराने का अवसर दिया गया है। ऐसे में अब राजनीतिक आरोपों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि अंतिम मतदाता सूची में कितने नाम वापस जुड़ते हैं।
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