मोदी चालीसा का पाठ करने वाला किन्नर कल्याण बोर्ड भंग:PM को राम बताकर आरती की थी; पटना में मोदी के मंदिर की परमीशन मांगी थी
पटना। बिहार सरकार ने राज्य किन्नर कल्याण बोर्ड को भंग कर दिया है। समाज कल्याण विभाग ने शुक्रवार को इसकी अधिसूचना जारी करते हुए बोर्ड में मनोनीत और सरकारी सदस्यों की सदस्यता भी समाप्त कर दी। सरकार का कहना है कि केंद्र सरकार के नए संशोधित कानून के प्रावधानों के अनुरूप बोर्ड का नए सिरे से गठन किया जाएगा।
बिहार राज्य किन्नर कल्याण बोर्ड का अध्यक्ष समाज कल्याण विभाग के मंत्री को बनाया गया था। इसके अलावा बोर्ड में पटना, गया, सोनपुर, दरभंगा और बेगूसराय समेत विभिन्न क्षेत्रों से मनोनीत सदस्य शामिल थे।
यह बोर्ड पिछले कुछ समय से राजनीतिक गतिविधियों को लेकर भी चर्चा में था। बोर्ड के सदस्यों ने पटना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मंदिर बनाने की मांग की थी। कुछ दिन पहले बोर्ड के सदस्यों की ओर से दिल्ली के प्रेस क्लब में ‘मोदी चालीसा’ का पाठ किए जाने की बात भी सामने आई थी। प्रधानमंत्री को भगवान राम के रूप में प्रस्तुत करते हुए आरती किए जाने को लेकर भी बोर्ड चर्चा में रहा था।
सरकार ने बोर्ड भंग करने के आदेश में केंद्र सरकार की ओर से 30 मार्च 2026 को अधिसूचित ‘द ट्रांसजेंडर पर्सन्स (प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स) अमेंडमेंट एक्ट, 2026’ का हवाला दिया है। सरकार के मुताबिक, संशोधित कानूनी प्रावधानों के तहत राज्य में ट्रांसजेंडर समुदाय के विभिन्न वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए बोर्ड का पुनर्गठन आवश्यक है।
खास बात यह है कि मौजूदा बोर्ड का गठन अगस्त 2025 में तीन साल के कार्यकाल के लिए किया गया था। बिहार सरकार ने 7 अगस्त 2025 को इसकी अधिसूचना जारी की थी। यानी बोर्ड का निर्धारित कार्यकाल अभी पूरा नहीं हुआ था। इसके बावजूद नए केंद्रीय कानून में हुए बदलावों को आधार बनाकर सरकार ने वर्तमान बोर्ड की सभी नियुक्तियां समाप्त कर दी हैं।
अब नए प्रावधानों के अनुसार बिहार में किन्नर कल्याण बोर्ड का नए सिरे से गठन किया जाएगा। इससे यह भी तय होगा कि नए बोर्ड में समुदाय के किन-किन वर्गों और प्रतिनिधियों को शामिल किया जाता है।
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