स्वच्छता व्यवस्था में सुधार केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि परिणाम भी दिखाई देना चाहिए - कलेक्टर
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं शहर की स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के संबंध में बैठक कलेक्टर किशोर कन्याल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में अपर कलेक्टर अखिलेश जैन सहित नगर पालिका से संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा स्वच्छता व्यवस्था में सुधार के लिए केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि परिणाम दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कहा हमें सफाई के क्षेत्र में अच्छा काम करना है, इस भावना के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि स्वच्छता मित्रों के साथ नियमित संवाद करें, उनकी समस्याओं को समझें और उनके कार्य में आने वाली कठिनाइयों का समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अपने माइंडसेट में बदलाव लाते हुए नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करें तथा नागरिकों की समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण करें।
उन्होंने वार्डवार सफाई व्यवस्था की जानकारी लेते हुए प्रत्येक वार्ड में उपलब्ध सफाई वाहनों, कचरा संग्रहण व्यवस्था एवं उनके निर्धारित रूट की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान सीएमओ गुना द्वारा बताया गया कि शहर में प्रतिदिन तीन बार वाहनों के माध्यम से कचरा संग्रहण का कार्य कराया जा रहा है। बैठक में कलेक्टर ने कचरा संग्रहण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए एक दिन छोड़कर कचरा संग्रहण की व्यवस्था लागू करने के संबंध में प्रभावी स्ट्रेटेजी तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके।
उन्होंने गाय-भैंस के तबेलों से निकलने वाले अपशिष्ट के लिए भी अलग से कचरा संग्रहण व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पशु अपशिष्ट को सामान्य कचरे के साथ मिलाने के बजाय उसके लिए पृथक व्यवस्था विकसित की जाए।
कलेक्टर ने सभी नगर पालिका अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक नगरीय निकाय में एक विस्तृत चार्ट तैयार किया जाए, जिसमें कुल घरों की संख्या, उपलब्ध कचरा संग्रहण वाहनों की संख्या, प्रत्येक वाहन का रूट तथा प्रतिदिन किए जा रहे कचरा संग्रहण की स्थिति स्पष्ट रूप से दर्ज हो। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग की जाए, जिससे यह पता चल सके कि प्रत्येक क्षेत्र में कचरा संग्रहण निर्धारित समय एवं रूट के अनुसार हो रहा है या नहीं।
वही उन्होंने स्रोत स्तर पर कचरे के पृथक्करण (सोर्स सेग्रीगेशन) पर विशेष निर्देशित करते हुए कहा कि इसके लिए प्रभावी सिस्टम विकसित किया जाए। नागरिकों को घर से ही गीला एवं सूखा कचरा अलग-अलग करने के लिए प्रेरित किया जाए तथा संग्रहण के दौरान भी पृथक कचरे की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वच्छता के प्रति नागरिकों में जागरूकता बढ़ाने के लिए सोशल मीडिया सहित अन्य माध्यमों का प्रभावी उपयोग किया जाए। स्वच्छता से संबंधित जागरूकता संदेश, कचरे के पृथक्करण, नियमित कचरा संग्रहण एवं स्वच्छ शहर के लिए नागरिकों की भूमिका से संबंधित सामग्री लगातार प्रसारित की जाए।
बैठक के समापन पर कलेक्टर श्री कन्याल ने निर्देश दिए कि आगामी बैठक में सभी नगरीय निकायों द्वारा कचरे के पृथक्करण एवं प्रसंस्करण की प्रक्रिया, उसके बेहतर प्रबंधन के लिए किए जा रहे कार्यों तथा अब तक की प्रगति का पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुतिकरण किया जाए।
कलेक्टर ने कहा कि स्वच्छता केवल नगर पालिका की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, स्वच्छता मित्रों और अधिकारियों की सामूहिक भागीदारी आवश्यक है। सभी के समन्वित प्रयासों से ही शहर की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर एवं प्रभावी बनाया जा सकता है।
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