बांकेबिहारी मंदिर में पेड़े और फूलमाला फेंककर चढ़ाने पर रोक, मिलावटी प्रसाद पर भी सख्ती
वृंदावन। मथुरा के वृंदावन स्थित श्रीबांकेबिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से पेड़े, फूल और तुलसी की माला फेंककर चढ़ाने पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाने का फैसला किया गया है। मंदिर की उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। श्रद्धालुओं को नए नियमों की जानकारी देने के लिए मंदिर के प्रवेश द्वारों और आसपास सूचना-पत्र चस्पा किए जाएंगे।
समिति के अनुसार, श्रद्धालु जब पेड़े और फूल-मालाएं फेंककर ठाकुरजी को अर्पित करते हैं, तो कई बार तुलसी की मालाएं और फूल जमीन पर गिरकर पैरों के नीचे आ जाते हैं। इसी स्थिति को देखते हुए अब प्रसाद और मालाएं फेंकने के बजाय विधिवत तरीके से अर्पित करने की व्यवस्था पर जोर दिया गया है।
बैठक में मंदिर के आसपास बिकने वाले पेड़ों की गुणवत्ता का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। समिति ने खाद्य सुरक्षा विभाग को मिलावटी मिठाइयों की बिक्री रोकने और दुकानों पर नियमित जांच करने के निर्देश दिए हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी के अनुसार, पिछले एक वर्ष में पेड़ों के 106 नमूने लिए गए, जिनमें से 56 नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। संबंधित मामलों में शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी दी गई।
इससे पहले भी मंदिर के आसपास प्रसाद के नाम पर बेचे जा रहे पेड़ों की गुणवत्ता को लेकर कार्रवाई हो चुकी है। मई 2026 में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मंदिर क्षेत्र में बिक्री के लिए लाई गई बड़ी खेप जब्त की थी और नमूने जांच के लिए भेजे थे। ऐसे मामलों के बाद प्रसाद की गुणवत्ता सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है।
समिति ने मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रस्तावित केंद्रीय वातानुकूलन व्यवस्था पर भी चर्चा की। इसे लगाने से पहले जांच समिति मंदिर की क्षमता और संबंधित व्यवस्थाओं का आकलन करेगी।
नए फैसलों का उद्देश्य मंदिर में प्रसाद अर्पित करने की व्यवस्था को सुव्यवस्थित करना, धार्मिक सामग्री को जमीन पर गिरने से बचाना और श्रद्धालुओं को मिलावटी मिठाइयों से सुरक्षित रखना है।
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