चमोली टनल हादसे में एक और श्रमिक की मौत, एम्स ऋषिकेश में इलाज के दौरान तोड़ा दम, मृतकों की संख्या 11 हुई
चमोली। उत्तराखंड के चमोली में निर्माणाधीन सुरंग में हुए हादसे के बाद एक और श्रमिक की इलाज के दौरान मौत हो गई। घायल श्रमिक ने ऋषिकेश स्थित एम्स में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। इसके साथ ही हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है।
यह हादसा टीएचडीसी की पीपलकोटी-विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टनल में 13 अगस्त की शाम करीब 6:30 बजे हुआ था। सुरंग के अंदर करीब डेढ़ किलोमीटर हिस्से में भारी भूस्खलन और पहाड़ी से पानी का रिसाव होने के कारण 22 श्रमिक फंस गए थे।
घटना के तुरंत बाद बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। बचाव दल ने 12 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था। उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल गोपेश्वर भेजा गया, जबकि गंभीर रूप से घायल श्रमिकों को आगे के उपचार के लिए ऋषिकेश स्थित एम्स में भर्ती कराया गया।
हादसे के बाद सुरंग के अंदर फंसे श्रमिकों को निकालने के लिए करीब 117 घंटे तक लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। सुरंग में भारी मात्रा में पानी और कीचड़ जमा होने के कारण बचाव दल को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। पानी निकालने के लिए पंप लगाए गए और कीचड़ के बीच लगातार तलाशी अभियान चलाया गया।
रेस्क्यू अभियान के दौरान सुरंग के अंदर फंसी मशीनों को भी बाहर निकाला गया। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के जवानों ने बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में बारी-बारी से सुरंग के अंदर जाकर तलाशी और बचाव अभियान जारी रखा।
हादसे के पहले दिन चार श्रमिकों के शव बरामद किए गए थे। इसके बाद 14 अगस्त को तीन और शव मिले, जबकि 15 अगस्त को एक श्रमिक का शव बरामद हुआ। मंगलवार को भी दो शव मिलने की जानकारी सामने आई थी, जिनकी पहचान लुकासा टोपनो और चेतन पोयाम के रूप में हुई। लुकासा झारखंड और चेतन छत्तीसगढ़ के रहने वाले बताए गए।
अब इलाज के दौरान एक और घायल श्रमिक की मौत के बाद हादसे में मृतकों की संख्या 11 हो गई है। हादसे ने निर्माणाधीन सुरंगों में श्रमिकों की सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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