मुंबई क्राइम ब्रांच का बड़ा खुलासा, दुबई भेजे जा रहे थे बैंक खाते और सिम कार्ड; छह आरोपी गिरफ्तार
मुंबई क्राइम ब्रांच ने ऑनलाइन गेमिंग और साइबर ठगी के लिए बैंक खाते और सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई में गिरोह के सरगना समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि यह नेटवर्क फर्जी कंपनियों के नाम पर बैंक खाते खोलकर उन्हें सक्रिय करता था और फिर दुबई भेज देता था, जहां इनका इस्तेमाल साइबर अपराधों में किया जाता था।
पुलिस के अनुसार, मस्जिद बंदर पश्चिम स्थित ईसाजी स्ट्रीट के पार्श्व चैंबर्स में 'जी.डी. ओवरसीज' के नाम से एक फर्जी कार्यालय संचालित किया जा रहा था। यहां मुंबई के विभिन्न बैंकों में खोले गए चालू खातों के दस्तावेज और सिम कार्ड इकट्ठा किए जाते थे। खातों और सिम कार्ड को सक्रिय करने के बाद दुबई भेजा जाता था, जहां बैठे साइबर ठग ऑनलाइन गेमिंग और डिजिटल धोखाधड़ी को अंजाम देते थे।
खुफिया सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच की यूनिट-2 ने कार्यालय पर छापा मारकर सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने 66 एटीएम कार्ड, 122 चेकबुक, 15 पासबुक, 12 सिम कार्ड, दो कंप्यूटर, एक कलर प्रिंटर, दो पेन ड्राइव और विभिन्न फर्जी कंपनियों की 68 रबर स्टैंप बरामद कीं। इसके अलावा बैंक खाता खोलने के फॉर्म, बिजली के बिल और कई फर्जी कंपनी पंजीकरण प्रमाणपत्र भी जब्त किए गए।
मामले में पायधुनी पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच क्राइम ब्रांच की यूनिट-2 को सौंपी गई है। कोर्ट ने सभी आरोपियों को 8 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
क्राइम ब्रांच अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने अब तक कितने बैंक खाते और सिम कार्ड दुबई भेजे, इनका इस्तेमाल कितने साइबर अपराधों में हुआ और इस नेटवर्क के तार किन बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगों से जुड़े हैं।
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