मानसून की पहली बारिश ने हिमाचल में मचाई तबाही, बादल फटने से सड़कें बंद, महिला की मौत
हिमाचल प्रदेश में मानसून की पहली भारी बारिश ने व्यापक तबाही मचा दी है। लगातार बारिश, भूस्खलन और बादल फटने की घटनाओं से कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। लाहौल-स्पीति में दो और चंबा में एक स्थान पर बादल फटने से सड़कें, फसलें और संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि मंडी जिले में पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई।
मौसम विभाग के अलर्ट के बीच प्रदेशभर में कई नदियां और नाले उफान पर हैं। पिछले 24 घंटों में चंबा में सामान्य से 544 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई। दूसरी ओर, कुछ इलाकों में बारिश न होने से उमस भी बढ़ी है। ऊना में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
लाहौल-स्पीति के जिस्पा में बादल फटने से नाले में बाढ़ आ गई, जिससे मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया। तांदी-संसारी मार्ग भी यातायात के लिए बंद करना पड़ा। पट्टन घाटी के पड़ाक गांव में आई बाढ़ से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा और रीवालिंग संपर्क सड़क बाधित हो गई। चंबा के साहो क्षेत्र में बादल फटने से सेब के बगीचों को नुकसान हुआ, जबकि कीड़ी-बंजल मार्ग का करीब 500 मीटर हिस्सा बह गया और तीन पैदल पुल भी पानी में बह गए।
पठानकोट-भरमौर हाईवे और चंबा-तीसा मार्ग कई घंटों तक बंद रहे, जिससे करीब 30 पंचायतों का संपर्क प्रभावित हुआ। सलूणी में कई घरों में मलबा घुस गया, जबकि किलाड़-सेचू मार्ग पर मलबे में एक जेसीबी दब गई। मंडी जिले में औट के पास शनि मंदिर के निकट पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार बारिश के कारण प्रदेशभर में 35 सड़कें बंद हैं और 127 बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं। कई इलाकों में बिजली और पेयजल आपूर्ति बाधित है। ऊना में जलभराव से सड़कें डूब गईं, सब्जी मंडी का कामकाज प्रभावित हुआ और एक स्कूल परिसर में पानी भर गया। वहीं भरवाईं में राष्ट्रीय राजमार्ग का हिस्सा धंसने से तीन दुकानों पर खतरा मंडरा रहा है, जबकि रामपुर में गानवी खड्ड का जलस्तर बढ़ने से तीन पंचायतों का संपर्क कट गया।
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