पेट्रोल में इथेनॉल के बाद अब CNG में बायोगैस की होगी ब्लेंडिंग, चालू वित्त वर्ष में 3% का लक्ष्य
केंद्र सरकार ने पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने के बाद अब कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) में कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) की ब्लेंडिंग बढ़ाने की तैयारी तेज कर दी है। सरकार का लक्ष्य चालू वित्त वर्ष 2026-27 में CNG में 3 प्रतिशत CBG की ब्लेंडिंग करना है। इसके जरिए जैविक कचरे को स्वच्छ ईंधन में बदलने के साथ-साथ देश की ऊर्जा आयात पर निर्भरता कम करने की कोशिश की जा रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को 23,731 करोड़ रुपये की लागत वाली गोबरधन योजना को मंजूरी दी। यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक लागू की जाएगी। इसके तहत कृषि अवशेष, पशुओं का गोबर, गन्ने की खोई, नगरपालिका के जैविक कचरे और अन्य जैव-द्रव्यमान से CBG, जैविक खाद और अन्य उपयोगी उत्पाद तैयार किए जाएंगे।
### 10 गुना बढ़ाया जाएगा CBG उत्पादन
सरकार का लक्ष्य देश में घरेलू CBG उत्पादन को लगभग 10 गुना बढ़ाना है। इसके लिए बड़े पैमाने पर निजी निवेश को आकर्षित करने और देश में चक्रीय जैव-अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार का मानना है कि इससे कचरे का बेहतर प्रबंधन होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में आय के नए अवसर भी पैदा होंगे।
### मौजूदा CNG वाहनों में नहीं होगा बड़ा बदलाव
CBG जैविक कचरे से तैयार होने वाला नवीकरणीय ईंधन है। इसे शुद्ध और प्रोसेस करने के बाद CNG के साथ मिलाया जा सकता है। खास बात यह है कि CNG में CBG की ब्लेंडिंग के लिए मौजूदा वाहनों और ईंधन वितरण व्यवस्था में किसी बड़े बदलाव की जरूरत नहीं होगी। तैयार CBG को मौजूदा गैस वितरण नेटवर्क के जरिए CNG स्टेशनों तक पहुंचाया जा सकता है।
### CNG और PNG में चरणबद्ध ब्लेंडिंग
Indian Oil की जानकारी के अनुसार, नेशनल बायोफ्यूल्स कोऑर्डिनेशन कमिटी (NBCC) ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन क्षेत्र में CNG (ट्रांसपोर्ट) और PNG (घरेलू) के साथ CBG की अनिवार्य ब्लेंडिंग को चरणबद्ध तरीके से लागू करने को मंजूरी दी है।
सरकार की इस पहल से एक तरफ जैविक कचरे का इस्तेमाल बढ़ेगा, वहीं दूसरी ओर स्वच्छ और घरेलू स्तर पर उत्पादित ईंधन की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
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