बैंकों में जमा रकम डूबने की खबर पुरानी, 2018 में वापस लिया गया था विवादित विधेयक
सोशल मीडिया और अखबारों की पुरानी खबरों में बैंकों में जमा लोगों की रकम की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं। ऐसी ही एक खबर में दावा किया गया था कि केंद्र सरकार फाइनेंशियल रेजोल्यूशन एंड डिपॉजिट इंश्योरेंस (FRDI) विधेयक के जरिए बैंक में जमा रकम की वापसी की गारंटी खत्म करने की तैयारी कर रही है। हालांकि, यह खबर वर्ष 2017 की है और इसे वर्तमान घटनाक्रम के रूप में प्रस्तुत करना सही नहीं होगा।
दरअसल, केंद्र सरकार ने अगस्त 2017 में FRDI विधेयक लोकसभा में पेश किया था। इसके कुछ प्रावधानों, खासकर बेल-इन व्यवस्था, को लेकर जमाकर्ताओं के बीच चिंता जताई गई थी। इस व्यवस्था को लेकर आशंका थी कि वित्तीय संस्थान के संकट में फंसने पर जमाकर्ताओं के धन पर असर पड़ सकता है। विवाद बढ़ने के बाद सरकार ने अगस्त 2018 में इस विधेयक को वापस ले लिया था।
इसके बाद बैंक खाताधारकों को सुरक्षा देने के लिए जमा बीमा की सीमा बढ़ाई गई। वर्तमान व्यवस्था के तहत जमा बीमा और ऋण गारंटी निगम (DICGC) के माध्यम से एक जमाकर्ता को एक बैंक में समान अधिकार और क्षमता के तहत रखी गई सभी पात्र जमाओं के मूलधन और ब्याज को मिलाकर अधिकतम पांच लाख रुपये तक का बीमा कवर मिलता है। यह सीमा बचत खाते, चालू खाते, सावधि जमा और आवर्ती जमा को मिलाकर लागू होती है।
ऐसे में बैंकों में जमा पूरी रकम की वापसी की गारंटी खत्म करने की तैयारी संबंधी पुरानी खबर को नई खबर बताकर साझा करना भ्रामक हो सकता है। बैंक में जमा राशि की सुरक्षा से जुड़े किसी भी दावे पर भरोसा करने से पहले उसकी तारीख और मौजूदा नियमों की पुष्टि करना जरूरी है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)