एलएनजी से दौड़ेगी देश की पहली डुअल-फ्यूल ट्रेन, डीजल की खपत में 40% तक कमी का अनुमान; प्रदूषण भी होगा कम
नई दिल्ली। भारतीय रेलवे अपने ईंधन उपयोग को अधिक किफायती और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में एक नई पहल करने जा रहा है। देश में पहली एलएनजी-डीजल दोहरे ईंधन वाली ट्रेन रविवार से साबरमती से शुरू होगी। इस तकनीक में ट्रेन के इंजन में डीजल के साथ तरलीकृत प्राकृतिक गैस यानी एलएनजी का इस्तेमाल किया जाएगा।
रेलवे के अनुसार, डुअल-फ्यूल तकनीक के इस्तेमाल से डीजल की खपत में करीब 40 प्रतिशत तक कमी आने का अनुमान है। इससे एक ओर रेलवे की ईंधन लागत कम होगी, वहीं दूसरी ओर डीजल पर निर्भरता घटने से प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
इस परियोजना के तहत दो डीजल इंजनों को डुअल-फ्यूल तकनीक के लिए परिवर्तित किया गया है। रेलवे के मुताबिक इन परिवर्तित इंजनों का करीब 2,000 किलोमीटर तक परीक्षण किया जा चुका है। परीक्षण के दौरान तकनीक के प्रदर्शन और इंजन की कार्यक्षमता का आकलन किया गया।
रेलवे का अनुमान है कि एलएनजी के इस्तेमाल से प्रत्येक इंजन पर सालाना करीब 11.9 लाख रुपये तक की ईंधन लागत बचाई जा सकती है। डीजल की तुलना में एलएनजी की लागत और खपत में संभावित बचत को देखते हुए इसे रेलवे के लिए ईंधन खर्च कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
डुअल-फ्यूल इंजन में जरूरत के अनुसार डीजल और एलएनजी दोनों ईंधनों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसका उद्देश्य डीजल इंजन को पूरी तरह हटाना नहीं, बल्कि उसके साथ एलएनजी का उपयोग कर डीजल की खपत कम करना है। इससे मौजूदा इंजन तकनीक का इस्तेमाल जारी रखते हुए वैकल्पिक ईंधन को अपनाने का रास्ता तैयार होगा।
साबरमती से इस तकनीक के साथ ट्रेन संचालन शुरू होने के बाद इसके प्रदर्शन पर नजर रखी जाएगी। यदि तकनीक अपेक्षित परिणाम देती है तो भविष्य में रेलवे के अन्य डीजल इंजनों में भी इस तरह के बदलाव की संभावनाएं देखी जा सकती हैं। इससे ईंधन की बचत के साथ रेलवे के उत्सर्जन को कम करने के प्रयासों को भी बढ़ावा मिल सकता है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)