सेना प्रमुख धीरज सेठ बोले- जमीनी स्थिति ही सैन्य अभियान की सफलता का पैमाना, सोशल मीडिया दुष्प्रचार पर भी जताई चिंता
नई दिल्ली में आयोजित एनडीटीवी डिफेंस समिट 2026 में सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने आधुनिक युद्ध, तकनीक और आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने कहा कि तकनीक युद्ध के मैदान में होने वाली लड़ाइयों को छोटा कर सकती है, लेकिन जरूरी नहीं कि इससे पूरे युद्ध की अवधि भी कम हो। उनके मुताबिक, लंबे संघर्षों के दौर में सैन्य क्षमताओं को बनाए रखना और तेजी से बदलती परिस्थितियों के अनुसार उन्हें ढालना जरूरी है।
जनरल धीरज सेठ ने कहा कि आधुनिक युद्ध में तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ रही है, लेकिन इसके बावजूद जमीन पर नियंत्रण सैन्य सफलता का ठोस पैमाना बना रहेगा। उन्होंने कहा कि युद्ध में किसी क्षेत्र पर नियंत्रण हासिल करना और उसे बनाए रखना सैन्य अभियानों की सफलता को मापने का महत्वपूर्ण आधार है।
सोशल मीडिया और दुष्प्रचार को लेकर भी सेना प्रमुख ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में चल रहे संघर्षों के दौरान सोशल मीडिया पर लगातार अलग-अलग तरह के सूचना अभियान और नैरेटिव सामने आते हैं, जो वास्तविक जमीनी स्थिति को धुंधला कर सकते हैं और भ्रम पैदा कर सकते हैं। उनके अनुसार, ऐसी स्थिति में वास्तविक हालात को समझना महत्वपूर्ण हो जाता
आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन पर जोर देते हुए जनरल सेठ ने कहा कि आत्मनिर्भरता केवल देश में हथियार बनाने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उनके मुताबिक भारत को रक्षा प्रणालियों के डिजाइन, विकास, निर्माण, रखरखाव और उन्नयन की क्षमता देश में विकसित करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि भारत को दुनिया के लिए रक्षा उत्पाद बनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
सेना प्रमुख ने आधुनिक युद्ध में तेजी से बदलती तकनीक का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज किसी एक तकनीक का उपलब्ध होना ही पर्याप्त नहीं है, क्योंकि वही तकनीक प्रतिद्वंद्वी के पास भी हो सकती है। वास्तविक बढ़त नई तकनीक विकसित करने, उसे तेजी से अपनाने और बदलती परिस्थितियों के अनुसार अपनी क्षमताओं को ढालने की क्षमता से मिलेगी।
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