रुद्रप्रयाग: 16 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद होंगे मद्महेश्वर धाम के कपाट
रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड के पंचकेदारों में शामिल द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर धाम के कपाट 16 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। इसके बाद भगवान की चल विग्रह उत्सव डोली विभिन्न पड़ावों से होते हुए शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ पहुंचेगी। यहां शीतकाल के दौरान श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर सकेंगे।
मद्महेश्वर धाम के कपाट बंद होने की तिथि निर्धारित होने के साथ ही मंदिर समिति और स्थानीय स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं। कपाट बंद होने के बाद धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना संपन्न कराई जाएगी और भगवान की उत्सव डोली मंदिर परिसर की परिक्रमा के बाद अगले पड़ाव के लिए रवाना होगी।
डोली की यात्रा के दौरान गौंडार, रांसी और गिरिया सहित विभिन्न पड़ावों पर रात्रि विश्राम की परंपरा है। इसके बाद डोली ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर पहुंचेगी, जहां भगवान मद्महेश्वर की शीतकालीन पूजा-अर्चना की जाएगी।
मद्महेश्वर धाम पंचकेदार परंपरा का महत्वपूर्ण तीर्थस्थल है। हर वर्ष शीतकाल में भारी बर्फबारी और प्रतिकूल मौसम के कारण मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। इस अवधि में भगवान की पूजा शीतकालीन गद्दीस्थल पर संपन्न होती है।
चारधाम यात्रा के समापन की प्रक्रिया के बीच कपाट बंद होने की तिथि घोषित होने से श्रद्धालुओं को अपनी यात्रा की योजना बनाने में मदद मिलेगी।
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