लॉरेंस बिश्नोई जेल में, फिर भी सक्रिय गैंग का नेटवर्क; शुभम लोनकर और हैरी बॉक्सर समेत कई नाम जांच के घेरे में

Tuesday, October 20, 2026 - 12:16
0
लॉरेंस बिश्नोई जेल में, फिर भी सक्रिय गैंग का नेटवर्क; शुभम लोनकर और हैरी बॉक्सर समेत कई नाम जांच के घेरे में

नई दिल्ली। गुजरात की साबरमती जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई का नाम देश और विदेश में सामने आ रही रंगदारी, धमकी और गोलीबारी की कई घटनाओं की जांच से जुड़ता रहा है। सवाल यह है कि गिरोह का प्रमुख जेल में होने के बावजूद उसका कथित आपराधिक नेटवर्क कैसे सक्रिय है और बाहर इसकी गतिविधियों को कौन संभाल रहा है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, जांच एजेंसियों की नजर अब कई नए सहयोगियों और विदेश में मौजूद कथित संचालकों पर है।

शुरुआत में लॉरेंस के भाई अनमोल बिश्नोई और गोल्डी बराड़ को नेटवर्क के अहम चेहरों में गिना जाता था। हालांकि, अनमोल की गिरफ्तारी और गोल्डी बराड़ से कथित मतभेदों के बाद गिरोह के संचालन में दूसरे नाम चर्चा में आए हैं। विशेषज्ञों और जांच से जुड़े सूत्रों के हवाले से प्रकाशित रिपोर्टों में कहा गया है कि नेटवर्क किसी एक व्यक्ति पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग सहयोगियों के माध्यम से काम कर सकता है। हालांकि, इसकी मौजूदा कमान और आंतरिक संरचना को लेकर सभी दावे स्वतंत्र रूप से पुष्ट नहीं हैं।

इन नामों में शुभम लोनकर और हरि चंद जाट उर्फ हैरी बॉक्सर प्रमुख हैं। विभिन्न मामलों की जांच में दोनों का नाम कथित सहयोगियों के तौर पर सामने आया है। गोल्डी ढिल्लों, रोहित गोदारा, आरजू बिश्नोई और अनिल पंडित जैसे नाम भी रिपोर्टों में सामने आए हैं। जांच एजेंसियां अलग-अलग घटनाओं में इन लोगों की कथित भूमिका और आपसी संपर्कों की पड़ताल कर रही हैं। किसी व्यक्ति का नाम जांच में आने मात्र से उसके खिलाफ आरोप अदालत में सिद्ध होना नहीं माना जा सकता।

गिरोह के नेटवर्क को लेकर जांच का एक अहम पहलू यह है कि जेल में बंद व्यक्ति के कथित प्रभाव और बाहर मौजूद सहयोगियों की गतिविधियों के बीच संबंध कैसे स्थापित होते हैं। अधिकारियों ने विभिन्न मामलों में डिजिटल संदेशों, सोशल मीडिया पर किए गए दावों और दूसरे साक्ष्यों की जांच की है। हालांकि, किसी घटना की जिम्मेदारी लेने वाली पोस्ट या संदेश की प्रामाणिकता की पुष्टि किए बिना उसे अपराध का निर्णायक सबूत नहीं माना जा सकता।

बॉलीवुड से जुड़े लोगों को मिली कथित धमकियों और कुछ स्थानों पर हुई गोलीबारी की घटनाओं ने भी इस नेटवर्क को लेकर चिंता बढ़ाई है। इन मामलों में पुलिस अलग-अलग आरोपियों, संदेशों और संभावित संबंधों की जांच कर रही है। हर घटना में गिरोह की भूमिका और किसी विशेष व्यक्ति के निर्देश की पुष्टि संबंधित जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही हो सकती है।

कुल मिलाकर, लॉरेंस बिश्नोई के जेल में होने के बावजूद कथित नेटवर्क की सक्रियता संगठित अपराध की जांच के सामने आने वाली चुनौतियों को उजागर करती है। जांच एजेंसियों के लिए यह पता लगाना महत्वपूर्ण है कि किन लोगों ने वास्तव में अपराधों में भूमिका निभाई, कथित धमकियों के पीछे कौन था और विभिन्न घटनाओं के बीच कोई प्रमाणित संबंध है या नहीं।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
RNI News

Reportage News International (RNI) is India's growing news website which is an digital platform to news, ideas and content based article. Destination where you can catch latest happenings from all over the globe Enhancing the strength of journalism independent and unbiased.

Comments (0)

User