केंद्र मई के समझौते से मुकरा, लद्दाख के लिए विधानसभा की मांग पर अड़े सोनम वांगचुक, बोले- यह विश्वासघात है

Thursday, October 22, 2026 - 21:01
0
केंद्र मई के समझौते से मुकरा, लद्दाख के लिए विधानसभा की मांग पर अड़े सोनम वांगचुक, बोले- यह विश्वासघात है

श्रीनगर। जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने लद्दाख को संवैधानिक सुरक्षा और निर्वाचित विधायिका देने के मुद्दे पर केंद्र सरकार की आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र मई में हुई बातचीत के दौरान बनी सहमति से पीछे हट रहा है। वांगचुक के मुताबिक, 22 अक्टूबर को प्रस्तावित बैठक रद्द होने से लद्दाख के लोगों की उम्मीदों को एक बार फिर झटका लगा है। उन्होंने इसे विश्वास तोड़ने वाला कदम बताया।

वांगचुक ने कहा कि लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) के प्रतिनिधि केंद्र के साथ बातचीत के अगले दौर की तैयारी कर रहे थे। 15 अक्टूबर को लेह में हुई बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने अपने-अपने प्रस्ताव साझा किए थे। इसके बाद 22 अक्टूबर को दिल्ली में बैठक प्रस्तावित थी, जिसमें मसौदों के बीच मतभेदों पर चर्चा होनी थी। वांगचुक ने कहा कि प्रतिनिधियों ने इसी उम्मीद में अपनी योजनाएं बनाई थीं, लेकिन बैठक रद्द होने से निराशा हुई है।

वांगचुक के अनुसार, 22 मई को केंद्र के साथ हुई बातचीत में लद्दाख के लिए एक निर्वाचित निकाय और संवैधानिक सुरक्षा उपायों पर सैद्धांतिक सहमति बनी थी। उनका कहना है कि प्रस्तावित निकाय के पास विधायी, कार्यकारी और वित्तीय अधिकार होने चाहिए, ताकि स्थानीय लोगों को अपने क्षेत्र से जुड़े फैसलों में वास्तविक भागीदारी मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों पर निर्वाचित निकाय का प्रभावी नियंत्रण होना जरूरी है।

लद्दाख के प्रतिनिधियों की मुख्य आपत्ति केंद्र के नए मसौदे को लेकर है। एलएबी और केडीए का कहना है कि प्रस्ताव उनकी अपेक्षाओं और पहले हुई बातचीत में बनी सहमति के अनुरूप नहीं है। दोनों संगठनों ने लद्दाख के लिए मजबूत संवैधानिक सुरक्षा और अधिकार-संपन्न निर्वाचित व्यवस्था की मांग दोहराई है। उनका मानना है कि सीमित अधिकारों वाला निकाय क्षेत्र की राजनीतिक और लोकतांत्रिक आकांक्षाओं को पूरा नहीं कर पाएगा।

लद्दाख वर्ष 2019 में जम्मू-कश्मीर से अलग होकर केंद्रशासित प्रदेश बना था। इसके बाद से क्षेत्र में पूर्ण राज्य का दर्जा, छठी अनुसूची के तहत संरक्षण और स्थानीय लोगों के भूमि, संस्कृति तथा संसाधनों से जुड़े अधिकारों की सुरक्षा की मांग उठती रही है। केंद्र और लद्दाख के प्रतिनिधियों के बीच इन मांगों को लेकर बातचीत जारी है, लेकिन प्रस्तावित व्यवस्था के अधिकारों और स्वरूप पर मतभेद बने हुए हैं।

वांगचुक ने कहा कि लद्दाख के लोगों को ऐसी व्यवस्था चाहिए, जिसमें उनकी आवाज सुनी जाए और क्षेत्र के भविष्य से जुड़े फैसले लोकतांत्रिक तरीके से लिए जा सकें। उन्होंने केंद्र से मई में बनी सहमति के अनुरूप आगे बढ़ने और लद्दाख को प्रभावी निर्वाचित विधायिका तथा संवैधानिक सुरक्षा देने की मांग की है। हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से प्रस्तावित व्यवस्था को लेकर अलग दृष्टिकोण सामने आया है और दोनों पक्षों के बीच मतभेदों का समाधान अभी बाकी है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
RNI News

Reportage News International (RNI) is India's growing news website which is an digital platform to news, ideas and content based article. Destination where you can catch latest happenings from all over the globe Enhancing the strength of journalism independent and unbiased.

Comments (0)

User