श्रीनगर: मस्जिद को बेदखली नोटिस पर महबूबा मुफ्ती ने केंद्र को घेरा, धार्मिक भावनाओं की अनदेखी का लगाया आरोप
श्रीनगर। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की प्रमुख और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के नजदीक स्थित ऐतिहासिक रेस कोर्स मस्जिद को बेदखली का नोटिस दिए जाने पर केंद्र सरकार की आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विदेशों में मस्जिदों और इस्लामी विरासत की प्रशंसा करती है, लेकिन देश में मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाओं की अनदेखी की जा रही है।
महबूबा मुफ्ती ने 22 अक्टूबर को सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट के जरिए अपनी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि करीब 120 साल पुरानी मस्जिद को बेदखली का नोटिस देना उसके अस्तित्व पर खतरा पैदा करता है। उन्होंने इसे विदेशों में मस्जिदों के प्रति सम्मान जताने और देश में मुस्लिम समुदाय की धार्मिक विरासत के साथ किए जा रहे व्यवहार के बीच विरोधाभास बताया।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मस्जिद के प्रबंधन को लगभग 19 अक्टूबर को बेदखली का नोटिस दिया गया था और परिसर खाली करने के लिए छह दिन का समय दिया गया। रिपोर्टों में मस्जिद की पानी और बिजली आपूर्ति काटे जाने की जानकारी भी सामने आई है।
नोटिस में संबंधित जमीन को केंद्र सरकार के भूमि एवं विकास कार्यालय (एलएंडडीओ) के अधीन बताया गया है। अधिकारियों का कहना है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर स्थित है और वहां कब्जा तथा निर्माण अनधिकृत है। वहीं, महबूबा मुफ्ती ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए धार्मिक भावनाओं और ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण का मुद्दा उठाया है।
मस्जिद को लेकर जारी विवाद में एक ओर सरकारी जमीन पर कथित अनधिकृत कब्जे का मामला सामने आया है, तो दूसरी ओर राजनीतिक और धार्मिक हलकों में इसके ऐतिहासिक महत्व तथा धार्मिक अधिकारों को लेकर चिंता जताई जा रही है।
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