यूपी: जनगणना में होगी हर व्यक्ति की गिनती, फुटपाथ पर रहने वालों से भी पूछे जाएंगे 40 सवाल; जानिए कैसे होगी पूरी प्रक्रिया
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जनगणना 2027 के दूसरे चरण की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस दौरान प्रदेश में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जानकारी दर्ज की जाएगी। जनगणना के दायरे में फुटपाथों और अन्य खुले स्थानों पर रहने वाले बेघर लोग भी आएंगे। अधिकारियों के मुताबिक, गणना के दौरान नागरिकों से निर्धारित 40 सवाल पूछे जाएंगे और उनके जवाब के आधार पर जानकारी दर्ज की जाएगी। इसके लिए किसी भी दस्तावेज या प्रमाणपत्र की प्रति जमा करने की जरूरत नहीं होगी।
जनगणना अधिकारियों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में जनसंख्या गणना का दूसरा चरण 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक निर्धारित है। इस प्रक्रिया में प्रत्येक व्यक्ति की जानकारी दर्ज करने पर जोर रहेगा, ताकि कोई भी व्यक्ति गणना से छूट न जाए। इसके लिए गणना कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने और पूरी प्रक्रिया की निगरानी करने की तैयारी की जा रही है।
जनगणना के दौरान लोगों से उनकी सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति सहित कई विषयों पर जानकारी ली जाएगी। निर्धारित प्रश्नों में धर्म, जाति, शिक्षा, रोजगार, मातृभाषा, प्रवास और परिवार से संबंधित विवरण शामिल हैं। अधिकारियों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब के आधार पर विवरण दर्ज किया जाएगा। नागरिकों को जानकारी देने के लिए किसी दस्तावेज की फोटोकॉपी या प्रति जमा नहीं करनी होगी।
इस बार बेघर लोगों की गणना पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। फुटपाथों, खुले स्थानों और अन्य जगहों पर रात बिताने वाले लोगों को भी जनगणना में शामिल करने की व्यवस्था की जाएगी। अधिकारियों का निर्देश है कि प्रत्येक व्यक्ति की गणना उस स्थान के अनुसार की जाए, जहां वह निर्धारित गणना अवधि में रह रहा हो। इसके अलावा छात्रावासों, वृद्धाश्रमों, जेलों और अन्य संस्थागत परिसरों में रहने वाले लोगों की गणना भी सुनिश्चित की जाएगी।
जनगणना की प्रक्रिया में नागरिकों की ओर से दी गई व्यक्तिगत जानकारी को गोपनीय रखा जाएगा। जनगणना अधिनियम, 1948 के प्रावधानों के तहत व्यक्तिगत आंकड़ों को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। सरकार का कहना है कि इन जानकारियों का उपयोग जनसंख्या से जुड़े समेकित आंकड़े तैयार करने के लिए किया जाता है।
प्रशासन ने जनगणना में किसी भी व्यक्ति के छूटने की आशंका को कम करने के लिए 4 जनवरी को विशेष अभियान चलाने की योजना बनाई है। इस दौरान उन लोगों और क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा, जिनकी गणना किसी कारण से नहीं हो पाई हो। जनगणना के आंकड़े सरकार को जनसंख्या, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक परिस्थितियों से जुड़ी योजनाओं के निर्माण में मदद करेंगे।
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