यूपी में रालोद का शक्ति प्रदर्शन, सम्मेलन के जरिए सपा को संदेश; ‘रालोद के बिना नहीं बनेगी सरकार’
लखनऊ। राजधानी के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के राष्ट्रीय सम्मेलन में पार्टी ने जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। रालोद अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी की मौजूदगी में आयोजित सम्मेलन के जरिए पार्टी ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी बढ़ती भूमिका का संदेश दिया। मंच से दावा किया गया कि प्रदेश में कोई भी सरकार रालोद के सहयोग के बिना नहीं बन सकेगी।
सम्मेलन के दौरान समाजवादी पार्टी को भी राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की गई। रालोद नेता बीके शुक्ला ने कहा कि रालोद पर टिप्पणी करने वालों को समझ लेना चाहिए कि प्रदेश में असली चौधरी आ गया है। उन्होंने जयंत चौधरी से वित्तविहीन निजी कॉलेजों की समस्याओं को सरकार के सामने उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बड़ी संख्या में निजी कॉलेज हैं, लेकिन उन्हें सरकार की ओर से पर्याप्त मदद नहीं मिलती। उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर कॉलेजों के शिक्षकों को मानदेय दिलाने की मांग उठाने और किसानों की तरह युवाओं के हित में भी लड़ाई लड़ने का आग्रह किया।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट राजनीति के जरिए अपनी पहचान बनाने वाले रालोद ने अब लखनऊ में सम्मेलन आयोजित कर ब्राह्मण मतदाताओं के बीच भी अपनी पहुंच बढ़ाने का प्रयास किया है। पार्टी का लक्ष्य पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ-साथ मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश में संगठन को मजबूत करना बताया जा रहा है।
रालोद के कार्यकारी अध्यक्ष अनुपम मिश्र ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कोई भी सरकार रालोद के बिना नहीं बन पाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी का विस्तार अब केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है, बल्कि पूर्वांचल और मध्य उत्तर प्रदेश में भी रालोद अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत कर रहा है।
रालोद के केंद्रीय संसदीय बोर्ड के सदस्य अनिल दुबे ने भी पार्टी के विस्तार का दावा किया। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल में रालोद के कदम बढ़ चुके हैं और आने वाले समय में यहां भी पार्टी के प्रतिनिधि नजर आएंगे। उन्होंने कहा कि चौधरी साहब ने पहले राजनीतिक जमीन तैयार की थी, जिसकी फसल कुछ लोग काट ले गए, लेकिन अब रालोद अपने संगठन को नए सिरे से मजबूत करने में जुटा है।
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