राम मंदिर चढ़ावा चोरी: महिपाल की गवाही से खुल सकते हैं कई राज, 133 गवाहों की सूची में चंपत राय भी शामिल
अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में दाखिल आरोप पत्र के बाद अब मुकदमे की आगे की प्रक्रिया और गवाहों के बयानों पर नजर है। विशेष जांच दल (एसआईटी) ने आठ आरोपियों के खिलाफ विस्तृत आरोप पत्र दाखिल किया है। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार इसकी मुख्य चार्जशीट 36,039 पन्नों की है, जबकि अन्य दस्तावेज और परिशिष्ट जोड़ने पर पूरा रिकॉर्ड इससे काफी बड़ा बताया गया है। आरोप पत्र में 133 गवाहों का उल्लेख किया गया है।
महिपाल सिंह की गवाही क्यों अहम?
मामले में राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह को अभियोजन पक्ष के प्रमुख गवाहों में शामिल किया गया है। जांच के दौरान महिपाल सिंह ने चढ़ावा प्रबंधन और कथित चोरी से जुड़ी घटनाओं के संबंध में अपना बयान दर्ज कराया था। अब अदालत में उनकी गवाही के दौरान यह स्पष्ट हो सकता है कि चढ़ावे की गिनती, उसके रखरखाव और संबंधित कर्मचारियों की जिम्मेदारियों की व्यवस्था किस तरह संचालित होती थी।
133 गवाहों में चंपत राय भी
आरोप पत्र में कुल 133 गवाहों की सूची दी गई है। इसमें राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र और गोपाल एम. नागरकटे उर्फ गोपाल राव को भी अभियोजन पक्ष के गवाह के रूप में शामिल किया गया है। पुलिस ने इन लोगों के खिलाफ आपराधिक संस्तुति नहीं की है और उन्हें आरोपी बनाने के बजाय गवाह बनाया है।
चंपत राय के बयान पर भी रहेगी नजर
चंपत राय उस समय ट्रस्ट में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे थे, जब चढ़ावे के प्रबंधन और गिनती से जुड़ी व्यवस्था जांच के दायरे में आई। इसलिए उनकी गवाही के दौरान चढ़ावे की व्यवस्था, कर्मचारियों की जिम्मेदारी और कथित घटनाओं की जानकारी से जुड़े सवाल महत्वपूर्ण हो सकते हैं। रिपोर्टों के मुताबिक पुलिस ने पहले भी उनका बयान दर्ज किया था, जिसमें उन्होंने चढ़ावे में हेराफेरी में अपनी भूमिका से इनकार किया था।
सीसीटीवी में सामने आईं कथित चोरी की घटनाएं
जांच में मंदिर परिसर की सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और चढ़ावे से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की गई। सितंबर में सुप्रीम कोर्ट को दी गई जानकारी के मुताबिक एसआईटी ने सीसीटीवी फुटेज में कथित तौर पर 105 ऐसी घटनाओं की पहचान की, जिनमें नकदी को अनधिकृत तरीके से हटाए जाने की बात सामने आई। इससे पहले शुरुआती जांच में 70 घटनाओं का उल्लेख किया गया था।
आठ लोगों के खिलाफ आरोप पत्र
मामले में पुलिस ने आठ लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें अविनाश शुक्ला उर्फ शनि, अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्र, सुभाष श्रीवास्तव और रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू शामिल हैं। आरोप पत्र में कथित तौर पर चढ़ावे की गिनती और उससे जुड़े लेनदेन में अनियमितताओं की जांच का विवरण शामिल है।
जांच में नकदी और वित्तीय लेनदेन भी शामिल
एसआईटी की जांच केवल मंदिर में चढ़ावे की गिनती तक सीमित नहीं रही। जांच में आरोपियों से जुड़ी वित्तीय गतिविधियों, बैंक लेनदेन, जमा-निकासी, सीसीटीवी फुटेज, बरामद नकदी और अन्य दस्तावेजों की भी पड़ताल की गई। पुलिस के अनुसार आरोपियों के पास से करीब 79.8 लाख रुपये की नकदी बरामद किए जाने की बात सामने आई है।
अब अदालत में होगी गवाही और आरोपों पर सुनवाई
आरोप पत्र दाखिल होने के बाद अब न्यायालय में मामले की आगे की प्रक्रिया चलेगी। 7 अक्टूबर को आरोप बिंदुओं पर सुनवाई प्रस्तावित है। इसके बाद मुकदमे में गवाहों के बयान और साक्ष्यों की जांच महत्वपूर्ण चरण होगा। महिपाल सिंह समेत अन्य गवाहों की गवाही से चढ़ावा प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया और मामले में लगाए गए आरोपों से जुड़े तथ्य अदालत के सामने आने की उम्मीद है।
मामले में चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्र और गोपाल राव को आरोपी नहीं बल्कि गवाह बनाया गया है। इसलिए उनके बयानों को मामले की न्यायिक प्रक्रिया के संदर्भ में देखा जाएगा। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप अभी न्यायालय में विचाराधीन हैं और अंतिम निष्कर्ष अदालत के निर्णय के बाद ही सामने आएगा।
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