हिमाचल में बारिश का असर: 121 सड़कें बंद, 31 बिजली ट्रांसफार्मर ठप; मंडी-कुल्लू सबसे ज्यादा प्रभावित
हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश के कारण जनजीवन और जरूरी सेवाएं प्रभावित हैं। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की 24 अगस्त सुबह 10 बजे की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में 121 सड़कें बंद हैं, जबकि 31 बिजली ट्रांसफार्मर और 19 पेयजल योजनाएं बाधित हैं।
बारिश का सबसे ज्यादा असर मंडी और कुल्लू जिलों में देखने को मिला है। मंडी में 61 सड़कें बंद हैं। इनमें सेरज उपमंडल की 38, थलौट की 13, पधर की छह और धर्मपुर की तीन सड़कें शामिल हैं। कुल्लू में 31 सड़कें बंद हैं, जिनमें कुल्लू उपमंडल की 14, निरमंड की आठ, आनी की पांच और बंजार की चार सड़कें शामिल हैं।
इसके अलावा कांगड़ा में आठ, चंबा में सात, सिरमौर में पांच, शिमला में चार और ऊना में चार सड़कें प्रभावित हैं। लाहौल-स्पीति में भी एक सड़क बंद बताई गई है। वहीं बिलासपुर, किन्नौर और सोलन में सड़क बंद होने की सूचना नहीं है।
बिजली आपूर्ति पर भी असर
प्रदेश में कुल 31 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर बाधित हैं। इनमें कुल्लू के 18, मंडी के नौ, कांगड़ा के तीन और शिमला का एक ट्रांसफार्मर शामिल है। इसके चलते कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है।
19 पेयजल योजनाएं भी बाधित
बारिश के कारण प्रदेश में 19 पेयजल योजनाओं पर भी असर पड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार कांगड़ा में एक और शिमला में चार योजनाएं प्रभावित हैं, जबकि अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी पेयजल आपूर्ति बाधित हुई है।
मानसून से अब तक भारी नुकसान
30 जून से 23 अगस्त तक मानसून के दौरान प्राकृतिक आपदाओं से प्रदेश में 230 लोगों की मौत दर्ज की गई है। इस दौरान 920 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने और करीब 1,13,733.16 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है।
हालांकि 23 अगस्त की शाम की तुलना में बंद सड़कों की संख्या में मामूली कमी आई है, लेकिन मंडी और कुल्लू समेत कई जिलों में बारिश के कारण सड़क, बिजली और पेयजल व्यवस्था पर असर अभी भी बना हुआ है।
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