ईडी: अमेरिका में अवैध एंट्री कराने के मामले में ट्रैवल एजेंट गिरफ्तार, क्या है ‘डंकी रूट’ और इमिग्रेशन-क्लियरेंस फिक्सर?

Tuesday, October 27, 2026 - 18:18
0
ईडी: अमेरिका में अवैध एंट्री कराने के मामले में ट्रैवल एजेंट गिरफ्तार, क्या है ‘डंकी रूट’ और इमिग्रेशन-क्लियरेंस फिक्सर?

नई दिल्ली। अमेरिका में अवैध तरीके से भारतीय नागरिकों को प्रवेश कराने से जुड़े कथित नेटवर्क के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कार्रवाई तेज कर दी है। एजेंसी ने 26 अक्टूबर को दिल्ली के ट्रैवल एजेंट तरुण खोसला को मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया। पंजाब के जालंधर स्थित विशेष अदालत ने उन्हें सात दिन की ईडी हिरासत में भेजा है। जांच का संबंध उन एजेंटों और बिचौलियों के नेटवर्क से है, जिन पर लोगों को कानूनी तरीके से अमेरिका भेजने का झांसा देकर अवैध रास्तों से सीमा पार कराने का आरोप है।

ईडी की जांच पंजाब और हरियाणा में दर्ज मामलों से जुड़ी है। फरवरी 2025 में अमेरिका से 330 भारतीय नागरिकों को सैन्य विमानों के जरिए भारत वापस भेजे जाने के बाद अवैध प्रवासन और इससे जुड़े कथित आर्थिक लेन-देन की जांच शुरू हुई थी। एजेंसी के अनुसार, कई लोगों से अमेरिका भेजने के नाम पर बड़ी रकम ली गई, लेकिन उन्हें वैध वीजा और यात्रा प्रक्रिया के बजाय जोखिम भरे रास्तों से भेजा गया।

क्या है डंकी रूट?

‘डंकी’ या ‘डंकी रूट’ उस अवैध प्रवासन प्रक्रिया को कहा जाता है, जिसमें किसी व्यक्ति को कई देशों से होकर गंतव्य देश तक पहुंचाया जाता है और अंततः उसे बिना वैध अनुमति सीमा पार कराने की कोशिश की जाती है। अमेरिका पहुंचने के लिए इस तरह के मामलों में लोग दक्षिण और मध्य अमेरिका के विभिन्न देशों से होते हुए मैक्सिको तक पहुंचते हैं। इसके बाद अमेरिकी सीमा में अवैध प्रवेश कराने का प्रयास किया जाता है।

इस तरह की यात्रा लंबी और खतरनाक हो सकती है। प्रवासियों को धोखाधड़ी, जबरन वसूली, शोषण और रास्ते में फंस जाने जैसे जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है। सीमा पार करने के बाद अमेरिकी अधिकारियों द्वारा हिरासत में लिए जाने और भारत वापस भेजे जाने की आशंका भी रहती है।

कौन होते हैं इमिग्रेशन-क्लियरेंस फिक्सर?

इमिग्रेशन-क्लियरेंस फिक्सर ऐसे बिचौलियों या एजेंटों के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द है, जिन पर कथित तौर पर आव्रजन प्रक्रिया में अनुचित तरीके से मदद करने, दस्तावेजों में हेरफेर करने या अधिकारियों की जांच से बचने के लिए व्यवस्था करने का आरोप होता है। हालांकि, यह कोई सामान्य कानूनी पद नहीं है और किसी व्यक्ति की भूमिका का निर्धारण उसके खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर ही किया जा सकता है।

ईडी के अनुसार, कथित नेटवर्क में ट्रैवल एजेंट, स्थानीय बिचौलिए, विदेश में मौजूद सहयोगी, ‘डंकर’ और हवाला के जरिए धन का लेन-देन करने वाले लोग शामिल थे। एजेंसी का आरोप है कि लोगों को कानूनी तरीके से अमेरिका भेजने का भरोसा देकर उनसे भारी रकम वसूली गई, जबकि बाद में उन्हें अवैध रास्तों से भेजा गया।

जांच में क्या सामने आया?

ईडी ने दिसंबर 2025 में पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में 13 ठिकानों पर तलाशी ली थी। एजेंसी की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, तलाशी के दौरान नकदी, सोना, चांदी, डिजिटल उपकरण और दस्तावेज जब्त किए गए थे। जांच एजेंसी ने इससे पहले कथित अपराध से प्राप्त संपत्तियों में लगभग 5.41 करोड़ रुपये की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क करने की जानकारी भी दी थी।

फिलहाल ईडी कथित नेटवर्क के वित्तीय लेन-देन, एजेंटों की भूमिका और अवैध प्रवासन से प्राप्त धन की जांच कर रही है। गिरफ्तार ट्रैवल एजेंट के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
RNI News

Reportage News International (RNI) is India's growing news website which is an digital platform to news, ideas and content based article. Destination where you can catch latest happenings from all over the globe Enhancing the strength of journalism independent and unbiased.

Comments (0)

User