फ्रांस में प्रदर्शनों पर ट्रंप का बड़ा बयान, बोले- यह शिक्षा नहीं, आव्रजन नीति का मुद्दा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस में जारी प्रदर्शनों को लेकर वहां की आव्रजन नीति पर सवाल उठाए हैं। जॉर्जिया के पेरी में रिपब्लिकन उम्मीदवारों के समर्थन में आयोजित चुनावी रैली के दौरान ट्रंप ने दावा किया कि फ्रांस ऐसे लोगों को देश में आने दे रहा है, जो वहां के देश और नागरिकों से नफरत करते हैं। उन्होंने कहा कि फ्रांस में जारी उथल-पुथल का कारण शिक्षा से जुड़े मुद्दे नहीं, बल्कि अनियंत्रित आव्रजन है।
ट्रंप ने फ्रांस की पुलिस व्यवस्था पर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां पुलिस को अपना काम करने की पूरी आजादी नहीं है। फ्रांस के हालात का हवाला देते हुए उन्होंने अमेरिकी आव्रजन नीति का बचाव किया और कहा कि ऐसे लोगों को देश में प्रवेश नहीं देना चाहिए, जो उस देश के खिलाफ हों।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने जॉर्जिया के डेमोक्रेटिक सीनेटर जॉन ओसॉफ पर भी निशाना साधा। ट्रंप ने आरोप लगाया कि ओसॉफ लाखों ऐसे प्रवासियों को अमेरिका में लाना चाहते हैं, जिन्हें उन्होंने अमेरिकी सभ्यता के लिए खतरा बताया। हालांकि, ये ट्रंप के राजनीतिक आरोप हैं और उनके समर्थन में कोई प्रमाण पेश नहीं किया गया।
दरअसल, फ्रांस में सितंबर से शुरू हुए छात्र प्रदर्शनों का संबंध स्कूलों की खराब स्थिति, शिक्षा के लिए पर्याप्त संसाधनों की मांग और बढ़ती महंगाई जैसे मुद्दों से रहा है। बाद में कई शहरों में प्रदर्शन व्यापक हुए और कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों तथा पुलिस के बीच झड़पें हुईं। फ्रांस में प्रदर्शनकारियों की संख्या और हिंसा की घटनाओं को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं।
फ्रांस में जारी अशांति को लेकर ट्रंप के बयानों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हो रही है। वहीं, उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, फ्रांसीसी अधिकारियों ने प्रदर्शनों और हिंसा के लिए प्रवासियों को सामूहिक रूप से जिम्मेदार ठहराने वाले दावों की पुष्टि नहीं की है। ऐसे में ट्रंप के आरोपों और प्रदर्शनों के वास्तविक कारणों को अलग-अलग समझना जरूरी है।
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