कांग्रेस के चुनाव आयोग पर छह सवाल, सुप्रीम कोर्ट में दिए हलफनामे को बताया भ्रामक
नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल चुनाव आयोग के जवाबी हलफनामे को भ्रामक बताते हुए फॉर्म-6 में बदलाव, आयोग के भीतर निर्णय लेने की प्रक्रिया, ईसीआईनेट पोर्टल और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों समेत छह मुद्दों पर स्पष्टीकरण मांगा है।
जयराम रमेश का कहना है कि चुनाव आयोग के जवाब में कई अहम सवालों का स्पष्ट समाधान नहीं दिया गया। कांग्रेस ने विशेष रूप से ऑनलाइन फॉर्म-6 में जोड़े गए घोषणा-पत्र, मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया तथा निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) के अधिकारों को लेकर चिंता जताई है। पार्टी ने ईसीआईनेट प्रणाली के जरिए पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने और अधिकारियों के निर्णयों को कथित तौर पर प्रभावित किए जाने के आरोप भी लगाए हैं।
कांग्रेस ने चुनाव आयोग के तीनों सदस्यों के बीच निर्णय प्रक्रिया और दो निर्वाचन आयुक्तों की ओर से पहले दर्ज कराई गई आपत्तियों का मुद्दा भी उठाया है। पार्टी के अनुसार, आयोग को यह स्पष्ट करना चाहिए कि महत्वपूर्ण फैसले किस प्रक्रिया के तहत लिए गए और संबंधित अधिकारियों को उनकी जानकारी कब दी गई।
वहीं, चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने हलफनामे में एसआईआर प्रक्रिया का बचाव किया है। आयोग का कहना है कि प्रमुख फैसले सर्वसम्मति से लिए गए और फॉर्म-6 में वैधानिक बदलाव नहीं किया गया, बल्कि एसआईआर के लिए अलग घोषणा-पत्र का इस्तेमाल किया गया। आयोग ने ईसीआईनेट की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में बदलाव करने के अधिकार को लेकर भी अपना पक्ष रखा है।
इस मामले में विवाद का केंद्र मतदाता सूची की पारदर्शिता, पात्र मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा और चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया है। कांग्रेस के आरोपों और आयोग के जवाब के बीच अब सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही पर नजर रहेगी।
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