आंध्र प्रदेश के बन्नी उत्सव में हिंसक झड़प, एक की मौत और 100 से अधिक घायल
कुरनूल। आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले के होलगुंडा मंडल स्थित देवरगट्टू में दशहरा के बाद आयोजित पारंपरिक बन्नी उत्सव के दौरान हिंसक झड़पों में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 100 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है। 21 और 22 अक्टूबर की दरमियानी रात हुए इस आयोजन में श्रद्धालुओं के समूहों के बीच पारंपरिक काठी-युद्ध के दौरान हालात बिगड़ गए। घायलों को उपचार के लिए नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया।
सदियों पुरानी परंपरा से जुड़ा है आयोजन
देवरगट्टू में श्री माला मल्लेश्वर स्वामी मंदिर में हर साल विजयादशमी के अवसर पर बन्नी उत्सव आयोजित किया जाता है। इसे कर्रला समरम् भी कहा जाता है। इस परंपरा में आसपास के गांवों के लोग अलग-अलग समूहों में शामिल होते हैं और देवताओं की प्रतिमाओं को अपने गांव ले जाने की प्रक्रिया के दौरान लाठियों से मुकाबला करते हैं। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, यह आयोजन भगवान शिव के राक्षसों पर विजय पाने की कथा से जुड़ा है।
इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु आयोजन में शामिल हुए। प्रतिमाओं की शोभायात्रा के दौरान समूहों के बीच टकराव हुआ। रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ स्थानों पर पत्थरबाजी और जलती मशालें फेंकने की घटनाएं भी सामने आईं। घायलों में कई लोगों की हालत गंभीर बताई गई।
सुरक्षा के इंतजामों के बावजूद हुआ हादसा
आयोजन को लेकर पुलिस ने पहले से सुरक्षा व्यवस्था की थी। करीब 1,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जानकारी दी गई थी। अधिकारियों ने लोगों से परंपरा को शांतिपूर्ण ढंग से मनाने और पुरानी रंजिशों को आयोजन से दूर रखने की अपील भी की थी। इसके बावजूद हिंसक घटनाएं हुईं। कुछ रिपोर्टों में मृतक की पहचान आलूर निवासी पोथुराजू के रूप में बताई गई है।
घटना ने एक बार फिर पारंपरिक आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था और लोगों की जान की रक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय मान्यताओं से जुड़े इस आयोजन में हर साल चोटिल होने की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में परंपरा को जारी रखते हुए गंभीर चोटों और जानमाल के नुकसान को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की जरूरत पर चर्चा तेज हो गई है।
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