एसबीआई के 3,897 ग्राहकों का डेटा डार्क वेब पर मिला, बैंक बोला- खाते में जमा रकम सुरक्षित

Friday, October 23, 2026 - 20:17
0
एसबीआई के 3,897 ग्राहकों का डेटा डार्क वेब पर मिला, बैंक बोला- खाते में जमा रकम सुरक्षित

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) में ग्राहकों के डेटा से जुड़ी साइबर सुरक्षा घटना सामने आने के बाद बैंक ने प्रभावित ग्राहकों को ईमेल और व्हाट्सएप के जरिए सूचना दी है। बैंक ने भरोसा दिलाया है कि ग्राहकों के खातों में जमा रकम सुरक्षित है और इस घटना से बैंक के मुख्य कामकाज पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। शुरुआती जांच में डार्क वेब पर मिले करीब 3.75 लाख रिकॉर्ड की पड़ताल के दौरान 3,897 रिकॉर्ड ऐसे पाए गए, जिनमें ग्राहकों की व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी जानकारी शामिल थी।

बैंक के अनुसार, उसे 16 अक्टूबर को अपने थ्रेट इंटेलिजेंस सेवा प्रदाता, रक्षा साइबर एजेंसी और भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल (CERT-In) से संभावित डेटा लीक को लेकर अलर्ट मिला था। इसके बाद बैंक ने साइबर सुरक्षा संबंधी प्रतिक्रिया और रोकथाम की प्रक्रिया शुरू की। 21 अक्टूबर को बैंक ने घटना के बारे में जानकारी सार्वजनिक की और विस्तृत जांच शुरू करने की बात कही। 23 अक्टूबर को एसबीआई ने बताया कि जिन ग्राहकों का डेटा प्रभावित रिकॉर्ड में पहचाना गया है, उन्हें व्यक्तिगत रूप से ईमेल या व्हाट्सएप के माध्यम से सूचित किया गया है।

प्रारंभिक जांच के मुताबिक, सामने आए रिकॉर्ड में ग्राहकों के नाम, जन्मतिथि, लिंग, पंजीकृत मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और आवासीय पते जैसी जानकारी शामिल थी। इसके अलावा शाखा संबंधी विवरण, ग्राहक सूचना फाइल (सीआईएफ) नंबर, लीड आईडी और ऋण या लीड से जुड़े रिकॉर्ड का मेटाडेटा भी होने की बात सामने आई है। हालांकि, बैंक ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि डेटा किस तरह बाहर पहुंचा और पूरी घटना का दायरा कितना बड़ा है।

एसबीआई ने मामले की जांच के लिए भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल से मान्यता प्राप्त एक स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी को नियुक्त किया है। जांच के जरिए डेटा की प्रामाणिकता, उसके संभावित स्रोत और ग्राहकों पर पड़ सकने वाले जोखिम का आकलन किया जा रहा है। बैंक ने कहा है कि घटना से उसके आईटी सिस्टम, मुख्य बैंकिंग परिचालन, वित्तीय प्रदर्शन और कारोबार की निरंतरता पर कोई महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं पड़ा है।

बैंक ने ग्राहकों को आगाह किया है कि वे किसी के साथ अपना ओटीपी, एटीएम या डेबिट कार्ड पिन और पासवर्ड साझा न करें। संदिग्ध फोन कॉल, संदेश या ईमेल के जरिए मांगी जाने वाली बैंकिंग जानकारी देने से बचें। यदि कोई व्यक्ति बैंक अधिकारी बनकर गोपनीय जानकारी मांगता है, तो उसकी पहचान की पुष्टि केवल बैंक के आधिकारिक माध्यमों से करें।

फिलहाल जांच जारी है। बैंक ने खातों में जमा रकम सुरक्षित होने की बात कही है, लेकिन डेटा लीक के पूरे कारण और उसके संभावित प्रभावों को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
RNI News

Reportage News International (RNI) is India's growing news website which is an digital platform to news, ideas and content based article. Destination where you can catch latest happenings from all over the globe Enhancing the strength of journalism independent and unbiased.

Comments (0)

User