“जात-पात पूछे न कोई”—गुरु रविदास के संदेश को अपनाएं, सीएम मोहन यादव ने सामाजिक समरसता का दिया संदेश

Tuesday, August 18, 2026 - 17:25
Updated: 4 days ago
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“जात-पात पूछे न कोई”—गुरु रविदास के संदेश को अपनाएं, सीएम मोहन यादव ने सामाजिक समरसता का दिया संदेश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज के 650वें जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। भोपाल के रवींद्र भवन में 18 अगस्त को आयोजित इस राज्य स्तरीय 'समरसता संकल्प अभियान' एवं 'कलश वंदन यात्रा' कार्यक्रम का उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। कार्यक्रम में उन्होंने ने संभागीय प्रतिनिधियों को कलशों का वितरण भी किया। कार्यक्रम में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और राष्ट्र्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष लालसिंह आर्य भी मौजूद थे। 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प के साथ कदम से कदम मिलाकर हमारी सरकार जातिवाद और छुआछूत के चंगुल से समाज को मुक्त कराने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री मोदी ने समरसता संकल्प अभियान के माध्यम से सर्व समाज को एकजुटता के सूत्र में पिरोने का लक्ष्य रखा है। हमें जातिवाद और अनेक चुनौतियों से भरे वातावरण में स्वयं के मन में पवित्र भाव जागृत करने और समरसता लाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि देश में समय बदला है अब प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में बने एयरपोर्ट का नाम महर्षि वाल्मीकि और पंजाब में एयरपोर्ट का नाम संत रविदास महाराज के नाम पर रखा गया है। 

*संत के स्थल को बनाएंगे तीर्थ*

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह मध्यप्रदेश का सौभाग्य है कि सागर में 100 करोड़ की लागत से संत रविदास महाराज का भव्य मंदिर और स्मारक बनकर तैयार हो रहा है। बहुत जल्द प्रधानमंत्री मोदी को इस धाम के लोकार्पण के लिए आमंत्रित किया जाएगा। संत रविदास जी की 650वीं जयंती वर्ष में उज्जैन में उनकी वस्तुओं और शिष्य के समाधि स्थल को संरक्षित करते हुए भव्य गुरुद्वारा निर्माण के लिए भूमि-पूजन किया जाएगा। प्रदेश में जहां रविदास जी के चरण पड़े, उन तीर्थ स्थलों को सर्व-सुविधा युक्त बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज श्योपुर चंबल क्षेत्र को रेलवे की नई सौगात मिलने जा रही है। प्रदेशवासियों को आवागमन में लाभ मिलेगा। राज्य सरकार समरसता संकल्प अभियान की कार्य योजना में हर स्तर पर सहयोग देने के लिए तत्पर है। हम सभी संत रविदास महाराज के बताए मार्ग का स्मरण और अनुसरण करेंगे। जीवन में उसे धारण भी करेंगे। 

*बिखरने से बच गया समाज*

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि काशी की पवित्र भूमि पर जन्मे संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज ने भारत को एक करने का कार्य किया। तत्कालीन समय में विधर्मी आक्रांता भारतीय परंपराओं को नष्ट करना चाहते थे। तब छोटे बालक के रूप में रविदास महाराज ने बनारस के घाटों पर संत रामानंद आचार्य महाराज के प्रवचन और कथाएं सुनकर भक्तिभाव से समाज को एक करने का संकल्प लिया था। हमारे साधु-संतों ने सामाजिक समरसता की पताका अपने हाथों में थामी और रविदास महाराज ने संदेश दिया, जातपात पूछे न कोई-हरि को भजे सो हरि का होई। संत रविदास ने कर्म करते हुए सदैव अपने मन में भक्ति भाव को बनाए रखा। उस दौर के सबसे बड़े संत प्रेमानंद महाराज ने संत रविदास महाराज को दीक्षा दिलवाई थी। संत रविदास के भजन आज भी भक्ति भाव से लोगों के दिलों में अहम स्थान रखते हैं।

*हम पेश करें समरसता की मिसाल*

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि संत रविदास ने कटुता को छोड़कर समाज को समरसता को अपनाने का मंत्र दिया। हमें इस समरसता संकल्प अभियान को जन-जन तक लेकर जाना है। सागर में संत रविदास का भव्य मंदिर और स्मारक बनाया जा रहा है। हमें समाज के हर वर्ग को जोड़कर समरसता की मिसाल पेश करनी है और भारत को विकसित भारत बनाना है। पूर्व मंत्री एवं राष्ट्र्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष लालसिंह आर्य ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज ने सामाजिक समरसता, मानव कल्याण, धर्मांतरण के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा दी है। उन्होंने काशी की मिट्टी से निकलकर झाली रानी और मीराबाई को अपना बनाया। जब जालंधर में सूखा पड़ा था तो संत रविदास जी ने लोगों के कल्याण के लिए जल संकट को दूर किया। आज संत रविदास जी की वाणी और उनके संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता है। हमने समरसता संकल्प अभियान को 5 महीने तक चलाने का निर्णय लिया है। 

*20 अगस्त को एमपी में शुरू होगी कलश वंदन यात्रा*

पूर्व मंत्री आर्य ने बताया कि काशी से कलश यात्रा की शुरुआत हुई और देशभर में 51 स्थानों पर कलश पूजन किया गया है। काशी से निकले 129 कलश में से 98 उत्तरप्रदेश और शेष सभी राज्यों में पहुंचे हैं। इस कलश में संत रविदास जी की जन्मस्थली की मिट्टी है। कलश वंदन यात्रा जिला स्तर तक निकाली जाएंगी। आगामी 20 अगस्त को मध्यप्रदेश के प्रत्येक जिले में कलश वंदन यात्रा शुरू होगी। इस कार्यक्रम में सभी संतों को आमंत्रित किया जाएगा। इसके बाद गांव और कस्बों में कलशों की शोभायात्रा निकाली जाएगी। अंतिम चरण में छात्रावास संपर्क अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों को संत रविदास जी के जीवन दर्शन से परिचित कराया जाएगा। इसके अंतर्गत जालांधर से मुख्य समरसता संकल्प यात्रा निकाली जाएगी। यह प्रयास देश की समाजिक मजबूती को सशक्त करेगा। देश में 29 जुलाई से 30 अगस्त तक संत संपर्क अभियान भी चल रहा है। अब तक 29 हजार से अधिक संतों का सम्मान किया जा चुका है। प्रधानमंत्री मोदी ने संत रविदास और वाल्मीकि के नाम पर एयरपोर्ट का नाम रखा है। मध्यप्रदेश में संत रविदास जी का भव्य मंदिर बनाया जा रहा है।

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