हाथरस में बंदरों का आतंक, चलती स्कूटी पर बंदर झपटा दंपती और मासूम घायल
हाथरस। शहर में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। आए दिन बंदरों के हमले की घटनाओं के बावजूद नगर पालिका प्रशासन की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से लोगों में आक्रोश है।
मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे आदर्श नगर निवासी शांतनु सिंह पुत्र वीरेश कुमार सिंह अपनी पत्नी और अबोध बालक के साथ स्कूटी से बाजार जा रहे थे। बिजली कॉटन मिल के सामने अचानक एक बंदर ने उनकी स्कूटी पर हमला कर दिया। बंदर के हमले से स्कूटी अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई। हादसे में शांतनु सिंह के घुटने में फ्रैक्चर हो गया, जबकि उनकी पत्नी और अबोध बालक को भी गंभीर चोटें आईं। तीनों को शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शांतनु सिंह का ऑपरेशन किया जा रहा है।पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुनीता कुमारी ने घटना पर कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि हाथरस शहर में बंदर लोगों के लिए गंभीर खतरा बन चुके हैं। कभी राह चलते लोगों पर हमला किया जा रहा है तो कभी छतों से लोगों को गिराकर घायल किया जा रहा है। बंदरों के काटने और हमले की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।उन्होंने कहा कि नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती श्वेता दिवाकर के कार्यकाल में लेबर कॉलोनी के पार्क में एक बार बंदर पकड़ने का अभियान चलाया गया था, लेकिन उसके बाद वर्षों बीत जाने के बावजूद अभियान को दोबारा नियमित रूप से नहीं चलाया गया।सुनीता कुमारी ने कहा कि स्कूल, अस्पताल, रेलवे स्टेशन सहित शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थान भी बंदरों और आवारा पशुओं के आतंक से अछूते नहीं हैं। यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने नगर पालिका प्रशासन से मांग की कि बंदरों और आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए तत्काल व्यापक अभियान चलाया जाए तथा संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर नियमित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।उन्होंने कहा, “जनता की जान जोखिम में डालकर नगर पालिका प्रशासन हाथ पर हाथ रखकर नहीं बैठ सकता। अब केवल खानापूर्ति नहीं, बल्कि बंदरों के आतंक से शहरवासियों को स्थायी राहत दिलाने के लिए ठोस कार्रवाई जरूरी है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)