हरियाणा में ओलावृष्टि से बदला मौसम, धान की फसल पर संकट; मुआवजे की मांग
हरियाणा में शनिवार शाम मौसम ने अचानक करवट ली। रतिया और भिवानी के कई गांवों में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई, जबकि तेज ठंडी हवाओं से तापमान में गिरावट महसूस की गई। रतिया क्षेत्र के नागपुर, अजीतनगर और मढ़ सहित कई गांवों में ओले गिरने से खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल को नुकसान होने की आशंका है। मंडियों में खुले में रखी धान की फसल भी बारिश की चपेट में आई है।
दिनभर धूप रहने के बाद शाम को आसमान में बादल छा गए और तेज हवाएं चलने लगीं। अचानक बदले मौसम से लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन किसानों की चिंता बढ़ गई। इन दिनों खेतों में धान की कटाई का काम चल रहा है। ऐसे में बारिश और ओलावृष्टि से कटाई प्रभावित होने के साथ खेतों और मंडियों में रखी उपज को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है।
किसान नेताओं ने राज्य सरकार से प्रभावित क्षेत्रों में फसलों के नुकसान का सर्वे कराने और किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। पगड़ी संभाल जट्टा संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मनदीप सिंह नथवान ने प्रभावित किसानों को एक लाख रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग उठाई है। संगठन के प्रतिनिधियों ने गांवों में जाकर फसलों की स्थिति का जायजा लेने की बात कही है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 25 और 26 अक्टूबर को भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम परिवर्तनशील रह सकता है। इस दौरान हल्की बूंदाबांदी या बारिश होने की संभावना है। इसके बाद मौसम सामान्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। हालांकि, बारिश और ओलावृष्टि का असर अलग-अलग क्षेत्रों में अलग हो सकता है।
अब किसानों की नजर मौसम के अगले पूर्वानुमान और प्रशासन की ओर से होने वाले नुकसान के आकलन पर है। यदि बारिश जारी रहती है, तो धान की कटाई, फसल को सुखाने और मंडियों तक पहुंचाने में मुश्किलें बढ़ सकती हैं। प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए नुकसान का समय पर आकलन और मुआवजे को लेकर सरकार का निर्णय महत्वपूर्ण होगा।
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