सीजेपी को अमेरिका से फंडिंग मिलने का आरोप, मैरी मिलबेन बोलीं- भारतीय युवा चुप न रहें
वाशिंगटन। अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका में मौजूद कुछ दानदाता सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके और उनके संगठन को आर्थिक मदद दे रहे हैं। मिलबेन के मुताबिक, ये दानदाता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोधी हैं और भारत में उनके नेतृत्व के तहत देश के भविष्य को प्रभावित करना चाहते हैं।
मिलबेन ने बुधवार को भारतीय युवाओं से अपील की कि वे सीजेपी की कथित गतिविधियों को लेकर चुप न रहें। उन्होंने युवाओं से इस संगठन की विचारधारा के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाने का आह्वान किया। उनका कहना था कि भारत के युवा देश के भविष्य और स्थिरता से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाएं।
मिलबेन की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब दिल्ली में सीजेपी और विपक्षी दलों के समर्थक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तथा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्षी दलों ने मतदाता सूची की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं, जबकि चुनाव आयोग की ओर से चुनावी सूची को अद्यतन करने की प्रक्रिया को लेकर अलग पक्ष रखा गया है।
सीजेपी को विदेशी फंडिंग मिलने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है। इससे पहले संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा था कि संगठन की शुरुआती गतिविधियों के लिए उन्होंने स्वयं और मित्रों की मदद से धन जुटाया। उन्होंने बड़े उद्योगपतियों से आर्थिक सहायता मिलने से भी इनकार किया था।
मैरी मिलबेन के बयान के बाद सीजेपी की फंडिंग और उसके राजनीतिक उद्देश्यों को लेकर बहस तेज हो सकती है। हालांकि, विदेशी आर्थिक मदद और भारत में अशांति फैलाने की साजिश से जुड़े दावों की पुष्टि संबंधित दस्तावेजों या आधिकारिक जांच से ही हो सकेगी।
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