600 मीटर ऊंचे त्रिकूट पर्वत पर विराजमान मां शारदा: रहस्यमयी मान्यताओं और आस्था का अद्भुत संगम
मैहर (आरएनआई)। मध्य प्रदेश के मैहर जिले में त्रिकूट पर्वत की ऊंचाई पर स्थित मां शारदा देवी का मंदिर आस्था, इतिहास और रहस्यमयी मान्यताओं का अद्भुत संगम माना जाता है। लगभग 600 मीटर की ऊंचाई पर बने इस मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को 1080 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं, हालांकि अब रोपवे की सुविधा भी उपलब्ध है, जिससे भक्त आसानी से माता के दर्शन कर सकते हैं। छठी शताब्दी से अस्तित्व में बताए जाने वाले इस मंदिर को देश के प्रमुख शक्तिपीठों में स्थान प्राप्त है।
मैहर नाम का अर्थ “मां का हार” माना जाता है और मान्यता है कि यहां देवी सती का हार गिरा था, जिसके कारण यह स्थान शक्तिपीठ के रूप में प्रसिद्ध हुआ। मंदिर परिसर में मां शारदा के साथ कई अन्य देवी-देवताओं की भी पूजा की जाती है, जिससे इसकी धार्मिक महत्ता और बढ़ जाती है। नवरात्रि के दौरान यहां लाखों श्रद्धालु देशभर से पहुंचते हैं और माता के भव्य श्रृंगार व आरती के दर्शन करते हैं।
इस मंदिर से जुड़ी सबसे रोचक और रहस्यमयी मान्यता आल्हा-ऊदल की कथा है। कहा जाता है कि वीर योद्धा आल्हा और ऊदल मां शारदा के परम भक्त थे और उन्होंने ही इस मंदिर की खोज की थी। लोकविश्वास है कि आल्हा ने यहां 12 वर्षों तक कठोर तपस्या की, जिससे प्रसन्न होकर मां ने उन्हें अमरत्व का वरदान दिया। आज भी यह मान्यता प्रचलित है कि हर दिन सबसे पहले दर्शन आल्हा ही करते हैं और मां के चरणों में ताजे कमल अर्पित करते हैं।
मंदिर के पीछे स्थित ‘आल्हा तालाब’ और उससे आगे बताया जाने वाला अखाड़ा भी इन कथाओं को जीवंत बनाए रखते हैं। श्रद्धालुओं के बीच यह विश्वास गहराई से जुड़ा है कि मां शारदा अपने भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण करती हैं। सुबह 4 बजे होने वाली आरती से लेकर शाम की आरती तक मंदिर में भक्ति का विशेष वातावरण बना रहता है।
समय के साथ इस मंदिर का स्वरूप भी बदला है। वर्ष 1918 तक यह एक छोटा और दुर्गम स्थल था, जहां पहुंचना बेहद कठिन था, लेकिन 1951 में सीढ़ियों के निर्माण के बाद यहां श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ी और नवरात्रि मेले की परंपरा शुरू हुई, जो आज विशाल स्वरूप ले चुकी है।
मैहर का मां शारदा मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि आस्था, इतिहास और रहस्य का ऐसा केंद्र है, जो हर वर्ष लाखों लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है और उन्हें आध्यात्मिक अनुभूति से भर देता है।
Follow RNI News Channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029VaBPp7rK5cD6X
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)