कलेक्टर से मिलने पैदल निकलीं शहडोल हॉस्टल की 28 छात्राएं, शिकायतों पर जांच टीम गठित; अधिकारी भी पीछे-पीछे पहुंचे
शहडोल के कंचनपुर स्थित आदिवासी कन्या हॉस्टल की 28 छात्राएं बुधवार सुबह हॉस्टल की व्यवस्थाओं से नाराज होकर पैदल कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं। छात्राओं ने कलेक्टर पार्थ जायसवाल से मुलाकात कर हॉस्टल में साफ-सफाई और खाने की गुणवत्ता सहित कई समस्याओं की शिकायत की।
छात्राओं का आरोप था कि वे बार-बार अपनी समस्याएं जिम्मेदारों के सामने रख चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद उनकी शिकायतों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा था। इसी से नाराज होकर छात्राओं ने कलेक्टर कार्यालय तक पैदल पहुंचकर अपनी बात रखी।
वहीं, हॉस्टल अधीक्षिका ममता सिंह का कहना है कि हॉस्टल में कुल 445 छात्राएं रहती हैं और इनमें से केवल 28 छात्राएं ही कलेक्टर कार्यालय पहुंची थीं। उनका आरोप है कि छात्राएं मोबाइल चलाने, रील बनाने और परिचितों की बर्थडे पार्टी में बाहर जाने की अनुमति मांग रही थीं। मना किए जाने के बाद वे नाराज होकर शिकायत करने चली गईं।
सुरक्षा गार्ड से धक्का-मुक्की का भी आरोप-
छात्राओं के हॉस्टल से अचानक बाहर निकलने के दौरान सुरक्षा गार्ड ने उन्हें रोकने की कोशिश की। आरोप है कि इस दौरान छात्राओं ने गार्ड को धक्का देकर बाहर निकल गईं। रास्ते में अधीक्षिका और अधिकारियों ने छात्राओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी शिकायत कलेक्टर के सामने रखने पर अड़ी रहीं।
कलेक्टर ने गठित की जांच टीम-
मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने तत्काल जांच टीम गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद छात्राओं को समझाकर वाहन से वापस हॉस्टल भेजा गया।
मामले में छात्राओं की शिकायतों और हॉस्टल प्रबंधन की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
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