'विकसित भारत गारंटी' योजना पर सीएम विजय की आपत्ति, पीएम मोदी को लिखा पत्र; बताया ₹5,000 करोड़ का अतिरिक्त बोझ
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने केंद्र सरकार की प्रस्तावित 'विकसित भारत गारंटी' (VB G RAMG) योजना का विरोध करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्वरूप में योजना लागू होने पर राज्य पर 5,000 करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा और इससे अन्य कल्याणकारी योजनाएं भी प्रभावित हो सकती हैं।
मुख्यमंत्री विजय ने पत्र में कहा कि 'विकसित भारत गारंटी' अधिनियम, 2025 के कुछ प्रावधानों में बदलाव जरूरी हैं। उनके अनुसार, नए दिशा-निर्देशों में मजदूरी, निर्माण सामग्री और प्रशासनिक खर्चों के लिए केंद्र और राज्य के बीच 60:40 की फंडिंग व्यवस्था तय की गई है, जबकि पिछले दो दशकों से ग्रामीण रोजगार योजना (MGNREGS) अलग वित्तीय ढांचे के तहत संचालित होती रही है।
उन्होंने कहा कि इस बदलाव से राज्य के वित्त पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा। यदि अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध नहीं हुए तो या तो ग्रामीणों को मिलने वाले रोजगार के दिनों में कटौती करनी पड़ेगी या फिर अन्य महत्वपूर्ण विकास और कल्याणकारी योजनाओं के बजट पर असर पड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने केंद्र से मांग की है कि मजदूरी और प्रशासनिक खर्च का 100 प्रतिशत वहन केंद्र सरकार करे, जबकि निर्माण सामग्री से जुड़े खर्चों का अनुपात 75:25 रखा जाए। उनका कहना है कि इससे राज्यों पर अनावश्यक वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा और ग्रामीण रोजगार योजनाओं का प्रभावी संचालन जारी रह सकेगा।
जोसेफ विजय ने पंचायतों के वर्गीकरण और फंड आवंटन की मौजूदा केंद्रीय व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने इसे 'माइक्रोमैनेजमेंट' बताते हुए कहा कि पूरे देश के लिए एक जैसी व्यवस्था लागू करना व्यावहारिक नहीं है। राज्यों को स्थानीय जरूरतों और परिस्थितियों के अनुसार संसाधनों के उपयोग और फंड वितरण की अधिक स्वतंत्रता मिलनी चाहिए।
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