सीबीआई की शक्तियों पर बड़ा बदलाव संभव, डीएसपीई एक्ट में संशोधन पर विचार; 8 राज्यों ने वापस ली सामान्य सहमति
नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई को राज्यों में जांच करने की कानूनी प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए केंद्र सरकार दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम, 1946 यानी डीएसपीई एक्ट में संशोधन पर विचार कर रही है। सरकार इस मुद्दे पर कानूनी राय लेने के साथ उन राज्यों से भी बातचीत कर रही है, जिन्होंने सीबीआई को दी गई सामान्य सहमति वापस ले ली है।
सीबीआई को राज्यों में जांच के लिए क्यों लेनी पड़ती है अनुमति?
सीबीआई को अपनी जांच संबंधी शक्तियां डीएसपीई एक्ट के तहत मिलती हैं। हालांकि, किसी राज्य के क्षेत्राधिकार में जांच करने के लिए सामान्य तौर पर संबंधित राज्य सरकार की सहमति जरूरी होती है। यदि कोई राज्य सामान्य सहमति वापस ले लेता है तो सीबीआई को हर मामले में अलग से अनुमति लेनी पड़ सकती है।
इस व्यवस्था के कारण जांच में समय लगने के साथ एजेंसी के संसाधनों और कर्मचारियों पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ता है। सरकार का मानना है कि इससे संवेदनशील और महत्वपूर्ण मामलों की जांच प्रभावित हो सकती है।
इन आठ राज्यों ने वापस ली सामान्य सहमति
पश्चिम बंगाल, केरल, झारखंड, पंजाब, मेघालय, तेलंगाना, तमिलनाडु और कर्नाटक ने अलग-अलग समय पर डीएसपीई एक्ट के तहत सीबीआई को दी गई सामान्य सहमति वापस ली है। ऐसे राज्यों में किसी नए मामले की जांच के लिए सीबीआई को संबंधित सरकार से विशेष सहमति लेनी पड़ सकती है।
संसदीय समिति ने भी दिए बदलाव के सुझाव
साइबर अपराध और उनकी रोकथाम से संबंधित गृह मंत्रालय की संसदीय समिति की 259वीं रिपोर्ट में इस मुद्दे पर स्थायी समाधान तलाशने की सिफारिश की गई है। समिति ने गृह मंत्रालय से उन राज्यों के साथ बातचीत करने को कहा है, जिन्होंने सीबीआई को सामान्य सहमति नहीं दी है।
समिति ने यह भी सुझाव दिया कि डीएसपीई एक्ट, 1946 में संशोधन की व्यवहार्यता पर विचार किया जाना चाहिए, ताकि राज्यों में सीबीआई जांच से जुड़ी मौजूदा अड़चनों को दूर किया जा सके।
सीबीआई ने 14 राज्यों से मांगी सहमति
सीबीआई निदेशक ने 8 जुलाई 2025 को 14 राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र भेजकर डीएसपीई एक्ट की धारा 3 के तहत अधिसूचित सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 से जुड़े अपराधों की जांच के लिए सहमति मांगी थी। इनमें बिहार, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, झारखंड, तमिलनाडु, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल शामिल हैं।
सरकार कर रही कानूनी विकल्पों पर विचार
केंद्र सरकार अब यह सुनिश्चित करने के विकल्प तलाश रही है कि सीबीआई को जांच के लिए बार-बार राज्यों की अनुमति का इंतजार न करना पड़े और उसकी कानूनी स्थिति भी स्पष्ट रहे। इसके लिए डीएसपीई एक्ट में संभावित संशोधन पर कानूनी सलाह ली जा रही है।
साथ ही केंद्र और राज्यों के बीच इस मुद्दे पर चर्चा की तैयारी भी चल रही है। जरूरत पड़ने पर सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक बुलाने और विपक्षी दलों से भी विचार-विमर्श करने की संभावना है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)