लेबनान में इस्राइली हमले जारी, अमेरिका-ईरान समझौते पर उठे सवाल
पश्चिम एशिया में तनाव कम करने की कोशिशों के बीच लेबनान में इस्राइली सैन्य कार्रवाई जारी रहने से अमेरिका और ईरान के बीच हालिया समझौते की स्थिरता पर सवाल खड़े हो गए हैं। दक्षिणी लेबनान में हुए ताजा इस्राइली हमले में एक सैनिक समेत पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि पिछले 24 घंटों में विभिन्न हमलों में कुल 47 लोगों के मारे जाने की खबर है।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ स्विट्जरलैंड के लिए रवाना हो गए हैं, जहां अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता के अगले दौर की तैयारियां तेज हो रही हैं। हाल ही में दोनों पक्षों के बीच क्षेत्रीय तनाव कम करने और शत्रुता समाप्त करने को लेकर समझौते की घोषणा की गई थी। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस समझौते को आगे बढ़ाने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता राष्ट्रपति ट्रंप के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षा साबित हो सकता है। इससे यह स्पष्ट होगा कि क्या वॉशिंगटन तेहरान को प्रतिबंधों में राहत दिलाने के साथ-साथ अपने करीबी सहयोगी इस्राइल पर भी प्रभावी दबाव बना सकता है।
थिंक टैंक इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप के ईरान परियोजना निदेशक अली वाएज ने कहा कि यदि अमेरिका इस्राइल को सैन्य कार्रवाई सीमित करने के लिए राजी नहीं कर पाता, तो ईरान इस समझौते की उपयोगिता पर सवाल उठा सकता है। उनके अनुसार, समझौते का उद्देश्य क्षेत्र में सभी मोर्चों पर हिंसा और संघर्ष को समाप्त करना है, लेकिन लेबनान में जारी हमले इस लक्ष्य के विपरीत दिखाई देते हैं।
वाएज ने यह भी कहा कि अमेरिका को अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए यह सुनिश्चित करना होगा कि क्षेत्रीय सहयोगी देशों की गतिविधियां समझौते की भावना के अनुरूप हों। उनका मानना है कि तभी अमेरिका और ईरान के बीच बनी सहमति को दीर्घकालिक सफलता मिल सकती है।
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