'बेटियां ही नहीं, बेटे भी असुरक्षित', गुना कोर्ट का फैसला, 10 साल के बच्चे से अप्राकृतिक कृत्य करने वाले नंदू को 20 साल की कैद

Sunday, June 14, 2026 - 15:06
Updated: 2 months ago
0
'बेटियां ही नहीं, बेटे भी असुरक्षित', गुना कोर्ट का फैसला, 10 साल के बच्चे से अप्राकृतिक कृत्य करने वाले नंदू को 20 साल की कैद

गुना (आरएनआई) बच्चों के खिलाफ बढ़ते यौन अपराधों पर कड़ा रुख अपनाते हुए गुना की विशेष पॉक्सो अदालत ने एक बेहद संवेदनशील मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। केंट थाना क्षेत्र में एक 10 वर्षीय बालक को अपनी हवस का शिकार बनाने वाले संवेदनहीन दोषी को अदालत ने 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। फैसला सुनाते हुए विशेष न्यायाधीश सोनाली शर्मा ने समाज को झकझोरने वाली टिप्पणी करते हुए कहा कि आज के दौर में न केवल बेटियां, बल्कि बेटे भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। सुरक्षा पाना हर बच्चे का बुनियादी संवैधानिक अधिकार है।

10 साल के बच्चे से अप्राकृतिक कृत्य करने वाले नंदू को 20 साल की कैद

बहला-फुसलाकर सरसों के खेत में ले गया था पड़ोसी

यह झकझोर देने वाला मामला वर्ष 2025 का है, जब 1 मार्च को पीड़ित बच्चे की मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। दोपहर के समय बच्चा घर के बाहर खेल रहा था, तभी पड़ोस का रहने वाला आरोपी नंदकिशोर उर्फ नंदू (30) उसे 'कुत्ता छोड़ने चलने' का झांसा देकर काली माता मंदिर के पास सरसों के एक सूने खेत में ले गया। वहां आरोपी ने मासूम का मुंह दबाकर और मारपीट कर उसके साथ जबरन अप्राकृतिक कृत्य किया और उसे तड़पता छोड़कर भाग गया। केंट पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए वारदात के तीन दिन के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

DNA रिपोर्ट नेगेटिव, मेडिकल साक्ष्यों से साबित हुआ जुर्म

न्यायिक प्रक्रिया के दौरान इस केस में एक तकनीकी पेंच फंसा, जब आरोपी की डीएनए रिपोर्ट नेगेटिव प्राप्त हुई। हालांकि, सरकारी अभियोजक ममता दीक्षित ने कोर्ट के सामने पीड़ित पक्ष की दलीलें और मेडिकल रिपोर्ट को पूरी मजबूती से रखा। मेडिकल रिपोर्ट में मासूम बच्चे के निजी अंगों से भारी मात्रा में खून बहने और गंभीर अंदरूनी चोटों की पुष्टि हुई थी। इसी चिकित्सकीय साक्ष्य और पीड़ित बच्चे के कोर्ट में दिए गए अडिग बयानों को मुख्य आधार मानते हुए अदालत ने आरोपी को दोषी पाया।

20 साल की सजा और 4 लाख रुपये का मुआवजा

पॉक्सो कोर्ट ने अशोकनगर निवासी दोषी नंदकिशोर उर्फ नंदू को इस जघन्य अपराध के लिए 20 वर्ष के कड़े कारावास की सजा सुनाई और 3500 रुपये का आर्थिक जुर्माना लगाया। इसके अलावा, विशेष न्यायालय ने पीड़ित मासूम बच्चे के मानसिक संबल और पुनर्वास के लिए शासन को निर्देश दिए हैं कि उसे 4 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति मुआवजा राशि तत्काल प्रदान की जाए।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User